Weather Update : 16 दिन में 16 इंच बारिश, इंदौर में 31 घंटों में 14 इंच बारिश!

आज भी मौसम विभाग का रेड अलर्ट, उज्जैन और ओंकारेश्वर में हालत खस्ता! 

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Weather Update : 16 दिन में 16 इंच बारिश, इंदौर में 31 घंटों में 14 इंच बारिश!

Indore : शुक्रवार-शनिवार को हुई घनघोर बारिश से प्रदेश के बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ वर्षा का सिलसिला रविवार को दिनभर जारी रहा। जमकर बरसे बादलों ने इंदौर शहर के हालात बिगाड़ दिए। शहर में पिछले 31 घंटे में 362 मिमी से ज्यादा (14 इंच) वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश से शहर की 100 से ज्यादा निचली बस्तियां में पानी भर गया। सितम्बर के 16 दिन में 16 इंच बारिश दर्ज की गई। भारी वर्षा के चलते उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर है। इंदिरासागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोल दिए गए।

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इंदौर में शुक्रवार शाम से शुरू हुआ वर्षा का सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा। जमकर बरसे बादलों ने इंदौर के हालात बिगाड़ दिए। 31 घंटे में रीगल क्षेत्र में 362.5 मिलीमीटर (करीब 14 इंच) वर्षा दर्ज हुई, एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर रात 11.30 बजे तक 30 घंटे में 281 मिमी दर्ज हुई। इस वर्षा ने इंदौर में 61 साल पहले 20 सितंबर 1962 को हुई सर्वाधिक 169.8 मिमी वर्षा के रिकार्ड को तोड़ दिया।

निचली बस्तियों में 200 से ज्यादा लोगों को बचाया और 450 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। इन्हें 15 हजार खाने के पैकेट पहुंचाए गए। सांवेर क्षेत्र में बाढ़ में फंसी महिला का प्रसव मोटर बोट से पहुंची मेडिकल टीम ने कराया। पिछले दो दिन में हुई वर्षा ने इंदौर के चार माह के मानसून सीजन के औसत वर्षा (929.4 मिमी) का कोटा भी पूरा किया। शनिवार रात 11.30 बजे तक 1107.8 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो कि औसत वर्षा से 178 मिमी अधिक है।

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ओंकारेश्वर में हालात बिगड़े 

ओंकारेश्वर में पानी ही पानी हो गया। वहीं मोरटक्का में नर्मदा पुल के ऊपर पहुंच गई है। इस पुल से आवागमन बंद होने से इंदौर-इच्छापुर मार्ग अवरुद्ध हो गया। मौसम विभाग ने रविवार को भी रेड अलर्ट जारी किया है। ओंकारेश्वर में बांध से पहली बार 44000 क्यूमेक्स पानी एक साथ छोड़ने से नर्मदा नदी झूला पुल को छूने को बेताब नजर आ रही है। बाढ़ का पानी गजानन आश्रम से दंडी स्वामी आश्रम चौराहे तक पहुंच गया है। क्षेत्र के घरों और दुकानों में पानी भरने से लोगों को नुकसानी का सामना करना पड़ा है। नर्मदा का पानी ममलेश्वर मंदिर तक जा पहुंचा।