
Winning Hearts, Capturing the Audience : रतलाम में मीरा के भक्ती-भाव और संघर्ष का आकर्षक मंचन हुआ, अर्चना विश्वकर्मा की टीम ने मंच पर उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं के दिलों में बनाई जगह!
Ratlam : शहर के नवश्रृंगारीत ऐतिहासिक गुलाब चक्कर सभागृह में नृत्य नाटिका मीरा का मंचन अर्चना विश्वकर्मा म्यूजिकल ग्रुप की बैनर तले किया गया। नृत्य नाटिका मीराबाई के जीवन की आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाती है। जिसमें एक राजकुमारी सांसारिक मौत त्याग कर भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त बन जाती है। मुख्य भूमिका में अर्चना विश्वकर्मा ने मीरा के भक्ती भाव और संघर्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान मीरा का प्रसिद्ध पदों से सभागार में गूंजता रहा। दर्शकों ने नृत्य, अभिनय और संगीत के इस संगम का तालियों से स्वागत किया।

गुलाब चक्कर सभागार में दर्शक सांस रोककर संत मीरा के जीवन की यात्रा में डूबने का इंतजार करते रहे। 2 घंटे के रोमांचक प्रदर्शन के माध्यम से इस टीम के सभी कलाकारों ने दर्शकों का हर रोल में मार्मिक क्षणों को रूबरू कराने का पूर्ण रूप से प्रयास करते हुए दर्शकों का मन मोहा।
मीरा बाई के रोल में अर्चना विश्वकर्मा ने तो एक स्वतंत्र आत्मा के रूप में प्रस्तुत कर भगवान कृष्ण को समर्पित कर निडरता पूर्वक उनके गीत गाकर नृत्य मंचन कर अपनी वेशभूषा मेकअप एवं भावों द्वारा मयूर, घूमर, शास्त्री एवं राजस्थान की नृत्य से दर्शकों का मन मोह कर तालियां बटोरी। इस ऐतिहासिक नाटिका में नाटक का अंत बहुत ही हृदय को छूने वाला था। जिसमें मुझे रुला दिया। चमत्कारिक रूप से मौजूद कृष्ण की मूर्ति में विलीन होना वास्तव में एक अद्भुत क्षण था।

नृत्या नाटिका में अर्चना विश्वकर्मा के अलावा साथी कलाकार बीके. तिवारी, हरीश गहलोत, इंदु तिवारी, एसएन. परमार, दिनेश वर्मा, महेंद्र शर्मा, सेवानिवृत्त फर्स्ट क्लास गार्ड विवेक शर्मा, हिम्मत कुमावत, हेमा गहलोत, रेखा मीणा, आशीष मिश्रा, प्रेमलता शर्मा, सुभाष, रवि और गुड़िया ने भी अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मीराबाई के जीवन से जुड़ी इस नाटिका को जीवंत कर दर्शकों के दिलों में जगह बनाई!





