Monday, August 26, 2019

Blog

अमित मंडलोई

Studied B.Sc. BJ MA LLM Dlit (H), 18 years in Journalism. Working on all media platform TV, WEB and print. 

In Patrika this is third edition earlier looking after Ujjain and Gwalior as editor. Now in Indore as Zonal editor. 

रिश्तों पर खरे हैं, मुद्दों पर दृढ़ हैं और हालात का हिस्सा होकर भी उनसे परे हैं कृष्ण

रिश्तों पर खरे हैं, मुद्दों पर दृढ़ हैं और हालात का हिस्सा होकर भी उनसे परे हैं कृष्ण

मीडियावाला.इन। कृष्ण अकेले हैं, जिन्हें आप कोई चुनौती नहीं दे सकते। अन्य देवताओं के बारे में लोग दोनों तरह के विचार रख सकते हैं। कृष्ण उन सबमें अपवाद हैं। उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि वे जो हैं,...

काश किसी लिफाफे में बहन भी आ जाए

काश किसी लिफाफे में बहन भी आ जाए

मीडियावाला.इन। अब राखी पर बहन कम ही आ पाती है। उसकी जगह एक लिफाफा आ जाता है। कूंकू-चावल के साथ चंद राखियां। रस्म तो निभ जाती है, लेकिन यादों का कारवां मीलों पहले ही ठिठक कर रह जाता है। मुंह...

अब कश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत एक है

अब कश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत एक है

मीडियावाला.इन। कश्मीर से 35ए और धारा 370 के महत्वपूर्ण प्रावधान हटाए जाना उस नारे को सार्थक करने जैसा है, जो हम बचपन से दोहराते आए हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। अब तक नारे पर इन दो धाराओं...

मैन वर्सेस वाइल्ड

मैन वर्सेस वाइल्ड

मीडियावाला.इन। मैन वर्सेस वाइल्ड जब से खबर पता चली है, मेरा मन नियंत्रण में नहीं है। मैं उसी कल्पना में डूबा हूं कि आखिर उन्होंने वहां जाकर क्या देखा होगा। किस तरह के अनुभव हुए होंगे। हालांकि दूसरे ही पल...

चांद से मुलाकात

चांद से मुलाकात

मीडियावाला.इन। सच, चंद्रयान से एक बात पूछने का बड़ा मन है। चांद पर जा तो रहे हो, लेकिन वहां देखोगे क्या। क्या सिर्फ वहां की मिट्टी खोदोगे, फोटो क्लिक करोगे, पानी ढूंढने की कोशिश करोगे और लौट आओगे। क्या सच...

जब हम हार के साथ खड़े होते हैं

जब हम हार के साथ खड़े होते हैं

मीडियावाला.इन। जब हम हार के साथ खड़े होते हैं क्योंकि तय है कि न कोई हार आखिरी होती है और न कोई जीत अंतिम। फूलों की माला में यह फैसला करना मुश्किल ही है कि कौन सा सबसे पहले पिरोया...

आर्य पुत्र का राज्याभिषेेक

आर्य पुत्र का राज्याभिषेेक

मीडियावाला.इन। तो जब यह स्थापित होने लगा कि चुनाव जीतने के बाद भी आर्य पुत्र के आभामंडल के बल्ब शॉट ही हैं, नई रणनीति बनाई गई। हरकारे दौड़ाए गए, दिशाओं से सियासत के माहिर खिलाडिय़ों को आमंत्रित किया गया। अधिकतर...

योग की माया

योग की माया

मीडियावाला.इन।   एक पूरा दिन योग के बारे में सुन-सुनकर शर्मा जी को बड़ी कोफ्त होने लगी। जहां जाए, वहां बस एक ही जिक्र। पड़ोस की छत से लेकर सोशल मीडिया तक बस एक ही कहानी। आदमी जाएं भी...

पीके की शरण में दीदी

पीके की शरण में दीदी

मीडियावाला.इन। एक पीके वह था, जो फिल्म में किसी दूसरे ग्रह से आया था। उसने सवाल उठाए और समझ के दायरे को बढ़ाने की कोशिश की। अहसास कराया कि दुनिया उतनी छोटी भी नहीं, जितनी अपनी-अपनी आंख और समझ से...

बादलों का शगुन

मीडियावाला.इन। रोज की तरह वैसी ही तपती दोपहर थी कि अचानक दोनों की नजर मिली। धरती ने तड़पती निगाहों से आसमां की तरफ देखा तो उसका दिल भर आया। मुद्दत हुई मुलाकात को तो दो प्रेमियों का यूं बेसब्र हो...

उन्हें काम करने का मौका भी दे मौला

मीडियावाला.इन। बॉस ने एक दिन शाम को सभी कर्मचारियों की मीटिंग बुलाई। चाय-समोसे के इंतजाम के साथ मिठाई का एक-एक टुकड़ा सभी की प्लेट में चमक रहा था। सब लोगों के बैठ जाने के बाद साहब हॉल में आए और...

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

मीडियावाला.इन। शाम राष्ट्रपति भवन की देहरी पर दस्तक दे चुकी थी। घर लौटता सूरज फिर लालिमा बिखेर रहा था। उसकी ऊर्जा चेहरों पर दमक रही थी। ठीक उसी समय, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नई सरकार का शपथ ग्रहण...

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

मीडियावाला.इन। शाम राष्ट्रपति भवन की देहरी पर दस्तक दे चुकी थी। घर लौटता सूरज फिर लालिमा बिखेर रहा था। उसकी ऊर्जा चेहरों पर दमक रही थी। ठीक उसी समय, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नई सरकार का शपथ ग्रहण...

हम भारत के दर्शक

मीडियावाला.इन। हम भारत के दर्शक टकटकी लगाए बैठे हैं। लोकतंत्र के महाकाव्य का बड़ा हिस्सा पूरा हुआ। मानो महाभारत का युद्ध खत्म हो गया। अब पूर्णाहुति का दौर है। हालांकि खेमों का कोलाहल शांत होने का नाम नहीं ले रहा।...

राजा का इस्तीफा

मीडियावाला.इन।   तो राजा ने एक दिन तय किया बस अब बहुत हुआ, मुझे इस्तीफा दे ही देना चाहिए। राजा ने ये बात दरबारियों को बताई। झुकी हुई कमर और रसातल तक जा पहुंची। एक ही गुहार, हुजूर आप...

जनादेश का स्वागत है

जनादेश का स्वागत है

मीडियावाला.इन।जनादेश का स्वागत हैनतीजे लगभग साफ हो चुके हैं, एक बार फिर मोदी सरकार देश की संसद की चौखट चूमने जा रही है। न्यूज चैनल प्रशस्तियां गा रहे हैं कि नेहरू और इंदिरा के बाद मोदी तीसरे व्यक्ति हैं, जो...

बस पर्दा उठने की देर है

मीडियावाला.इन। अब हार-जीत में सिर्फ चंद घंटों का फासला है। पूरा देश धडक़नों को साधे हुए उस घड़ी का इंतजार कर रहा है। इंतजार उन लोगों में सबसे ज्यादा है, जो बदलाव या ठहराव के माध्यम बनने वाले हैं। उनके...

कैमरा योग

कैमरा योग

मीडियावाला.इन।     कलिकाल में एक योगी हुए, जिनके पुण्य प्रताप से दशों दिशाएं चमत्कृत थी। जितनी रोशनी सूरज एक दिन में धरती पर फेंकता है, उससे कहीं ज्यादा कैमरे के फ्लैश उनके चेहरे पर पड़ते। जहां जाते...

कान और मुंह का फासला

कान और मुंह का फासला

मीडियावाला.इन। आली जनाब आकर बैठे हैं। लोग उत्सुक और उत्साहित हैं कि अब कुछ बात होगी। सब पूरी तैयारी से आए हैं। हालांकि सूचना देर से मिली थी, इसलिए बहुत ज्यादा वक्त तो नहीं मिल पाया, लेकिन हवाओं में ही...