Wednesday, February 20, 2019

Blog

अमित मंडलोई

Studied B.Sc. BJ MA LLM Dlit (H), 18 years in Journalism. Working on all media platform TV, WEB and print. 

In Patrika this is third edition earlier looking after Ujjain and Gwalior as editor. Now in Indore as Zonal editor. 

मोमबत्ती में जला रहे हैं अपनी बेबसी

मोमबत्ती में जला रहे हैं अपनी बेबसी

मीडियावाला.इन। बहुत हंसी उड़ाई जा रही है। मोमबत्ती गैंग फिर आ गई सडक़ों पर। सवाल उठाए जा रहे हैं, क्या हो जाएगा इससे। लोग तैयार होकर आ रहे हैं, बैनर उठा रहे हैं, फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे...

शहादत

  1. वह बहुत छोटी थी। पता भी नहीं था कि कुछ दिन पहले बक्से में सामान भरकर ड्यूटी पर गए पिता को क्यों इस तरह बक्से में लाया गया है। वह परिवार को रोते-बिलखते देखती रही। समझ नहीं...

किस पर हमला करें और किसे श्रद्धांजलि दें

मीडियावाला.इन। पुलवामा हमले के बाद कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने स्वीकार किया है कि हमसे बड़ी भूल हुई है। इंटेलिजेंस की सूचना के बाद अगर हाई वे की अच्छी तरह से चौकसी की जाती तो शायद यह सब...

किस पर हमला करें और किसे श्रद्धांजलि दें

किस पर हमला करें और किसे श्रद्धांजलि दें

मीडियावाला.इन। पुलवामा हमले के बाद कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने स्वीकार किया है कि हमसे बड़ी भूल हुई है। इंटेलिजेंस की सूचना के बाद अगर हाई वे की अच्छी तरह से चौकसी की जाती तो शायद यह सब नहीं...

मुकम्मल इश्क

मीडियावाला.इन।   प्रेम कभी-कभी कील की तरह सीने में चुभकर रह जाता है। किसी खूंटी पर टांगकर छोड़ देता है। हालांकि बाज नहीं आता। फिर हर लम्हे से झांककर देखता रहता है।...

सच, क्या लिखेंगे

सच, क्या लिखेंगे

मीडियावाला.इन। बुजुर्ग नेता ने देह त्याग दी। जन संवेदनाएं उमड़ पड़ी। निकाल लाए आंखें नम करने को ढेर सारे किस्से। कब, कहां, क्या किया, कैसे किया। किसके लिए झंडे उठाए, नारे लगाकर बंद दरवाजे खुलवाए। कहां अड़ कर खड़े हुए,...

जीजाजी संग केबीसी

जीजाजी संग केबीसी

मीडियावाला.इन। जीजाजी संग केबीसी  चारों ओर अफसरों से घिरे जीजाजी मध्य में बैठे हैं। एक-एक कर सवाल उछाला जाता है। जीजाजी पहले सवाल लिखते हैं और फिर जवाब भी उन्हें ही लिखना होता है। अंदर सवाल-जवाब चल रहा...

आलू से सोना बनाने की मशीन

आलू से सोना बनाने की मशीन

मीडियावाला.इन। खुशखबरी है कि अंतत: वह मशीन बना ही ली गई, जिसकी मदद से आलू को सोने में तब्दील किया जा सकता है। इधर से आलू डालें और उधर से सोना निकाल लें। मशीन बड़ी टेस्टेड है और...

क्या हम भी अपनी सेनाएं तैयार कर लें ?

क्या हम भी अपनी सेनाएं तैयार कर लें ?

आजादी के 13 महीने बाद देश ने ऑपरेशन पोलो के नाम से हैदराबाद के खिलाफ युद्ध लड़ा था। इतने सालों बाद केंद्र और बंगाल के बीच फिर आमने-सामने की लड़ाई देखने को मिल रही है। एक के हाथ...

बागों में बहार है

बागों में बहार है

मीडियावाला.इन। उजड़े बाग में अचानक बहार आ गई है। दरवाजा खोलकर देखा तो पाया कि घर के आसपास फिर घोषणाओं की बरसात हो रही है। उम्मीदों के बीज बोए जा रहे हैं। फिर कोई हवाओं में तैरता हुआ निकला है,...

बनने लगी राहुल कांग्रेस!

बनने लगी राहुल कांग्रेस!

मीडियावाला.इन। प्रियंका का कांग्रेस में विधिवत गृह प्रवेश के दो मायने समझ आते हैं। एक राहुल को अपने सिपहसलारों से उतना सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है, जिसकी उन्हें जरूरत है। दूसरा अब वे इस लड़ाई में...

शाही स्नान

शाही स्नान

सुबह के साढ़े 3 बजे थे। महाकाल मंदिर के आसपास के सारे रास्ते इस कदर जाम थे कि एक कदम बढ़ाना भी मुश्किल था। जबकि डेढ़-किमी पहले से ही वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। इस कदर...

सियासी मन मेरे

सियासी मन मेरे

मीडियावाला.इन हर जिंदगी की अपनी एक फ्रेम होती है। आदमी उस फ्रेम में धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। शिखर पर वह फ्रेम का मुख्य किरदार बन जाता है। फिर ढलान पर आता है तो किनारे...

लोकतंत्र की हत्या 

बड़े जोर का शोर मचा कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है। शव विधानसभा के गेट पर पड़ा है। छुरा कातिल सरकार के हाथ में है, अब तक उससे खून टपक रहा है। विधानसभा की दीवारें लाल हो...

संविधान में गरीब

संविधान में गरीब

मीडियावाला.इन। लीजिए साहब, आखिरकार गरीबों को देश के संविधान में पहुंचाने की पहली कोशिश शुरू हो गई है। पहचाने ना, वही गरीब जिसके इर्द-गिर्द देश की पूरी राजनीति घूमती है। जिसे जहालत से मुक्त कराने के लिए बरसों पहले सपना...

सच का सामना

सच का सामना

बहुत शोर मचा कि साहब आईना देखने से कतरा रहे हैं। भाग रहे हैं, बच रहे हैं। लोग खुलेआम चुनौती देने लगे कि एक बार मेरे सामने हॉट सीट पर बैठ जाइये, सारी हकीकत सामने आ जाएगी। दो-तीन...

फैसला दिल्ली से होगा

नई सरकार का गठन हो चुका था। सब खुश थे कि चलो सब निपट गया अब कुछ किया जाए। सारे अफसरों को बुलाया गया, उनसे प्रदेश की मौजूदा स्थिति समझी गई। खजाने में झांककर देखा, वचन पत्र के...

मधुमक्खियां

मधुमक्खियां

दफ्तर में चार-पांच कर्मचारी मेज ईद-गिर्द खड़े हैं और बातचीत में मशगूल हैं। पहले ने कहा, अरे अभी तो पहली सूची आई है। देखना धीरे-धीरे सारे ही ठिकाने लग जाएंगे। सभी अपने हाथ-पैर से काम करते हैं। हर...

खुदा जब वापस लेता है

खुदा जब वापस लेता है

साहब बहादुर सुबह उठे। आंख खुलते ही चौंक गए। पीछे कोई बेड टी लेकर नहीं खड़ा था। आईने में खुद की सूरत देखी तो कुछ धुंधला सा लगा। वही घर, वही लोग फिर भी सबकुछ बदला हुआ था।...

नेताजी इन एरोप्लेन मोड

टीवी पर एक्जीट पोल चल रहे थे और इधर नेताजी के चेहरे के भाव ऊपर-नीचे हो रहे थे। आसपास मजमा जमा था, लेकिन सबको जैसे सांप सूंघ गया। कुछ समझ नहीं आ रहा। फोन है कि चुप होने...