Wednesday, June 26, 2019

Blog

अमित मंडलोई

Studied B.Sc. BJ MA LLM Dlit (H), 18 years in Journalism. Working on all media platform TV, WEB and print. 

In Patrika this is third edition earlier looking after Ujjain and Gwalior as editor. Now in Indore as Zonal editor. 

योग की माया

योग की माया

मीडियावाला.इन।   एक पूरा दिन योग के बारे में सुन-सुनकर शर्मा जी को बड़ी कोफ्त होने लगी। जहां जाए, वहां बस एक ही जिक्र। पड़ोस की छत से लेकर सोशल मीडिया तक बस एक ही कहानी। आदमी जाएं भी...

पीके की शरण में दीदी

पीके की शरण में दीदी

मीडियावाला.इन। एक पीके वह था, जो फिल्म में किसी दूसरे ग्रह से आया था। उसने सवाल उठाए और समझ के दायरे को बढ़ाने की कोशिश की। अहसास कराया कि दुनिया उतनी छोटी भी नहीं, जितनी अपनी-अपनी आंख और समझ से...

बादलों का शगुन

मीडियावाला.इन। रोज की तरह वैसी ही तपती दोपहर थी कि अचानक दोनों की नजर मिली। धरती ने तड़पती निगाहों से आसमां की तरफ देखा तो उसका दिल भर आया। मुद्दत हुई मुलाकात को तो दो प्रेमियों का यूं बेसब्र हो...

उन्हें काम करने का मौका भी दे मौला

मीडियावाला.इन। बॉस ने एक दिन शाम को सभी कर्मचारियों की मीटिंग बुलाई। चाय-समोसे के इंतजाम के साथ मिठाई का एक-एक टुकड़ा सभी की प्लेट में चमक रहा था। सब लोगों के बैठ जाने के बाद साहब हॉल में आए और...

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

मीडियावाला.इन। शाम राष्ट्रपति भवन की देहरी पर दस्तक दे चुकी थी। घर लौटता सूरज फिर लालिमा बिखेर रहा था। उसकी ऊर्जा चेहरों पर दमक रही थी। ठीक उसी समय, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नई सरकार का शपथ ग्रहण...

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

काश ये शाम देश के लिए सुबह साबित हो

मीडियावाला.इन। शाम राष्ट्रपति भवन की देहरी पर दस्तक दे चुकी थी। घर लौटता सूरज फिर लालिमा बिखेर रहा था। उसकी ऊर्जा चेहरों पर दमक रही थी। ठीक उसी समय, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नई सरकार का शपथ ग्रहण...

हम भारत के दर्शक

मीडियावाला.इन। हम भारत के दर्शक टकटकी लगाए बैठे हैं। लोकतंत्र के महाकाव्य का बड़ा हिस्सा पूरा हुआ। मानो महाभारत का युद्ध खत्म हो गया। अब पूर्णाहुति का दौर है। हालांकि खेमों का कोलाहल शांत होने का नाम नहीं ले रहा।...

राजा का इस्तीफा

मीडियावाला.इन।   तो राजा ने एक दिन तय किया बस अब बहुत हुआ, मुझे इस्तीफा दे ही देना चाहिए। राजा ने ये बात दरबारियों को बताई। झुकी हुई कमर और रसातल तक जा पहुंची। एक ही गुहार, हुजूर आप...

जनादेश का स्वागत है

जनादेश का स्वागत है

मीडियावाला.इन।जनादेश का स्वागत हैनतीजे लगभग साफ हो चुके हैं, एक बार फिर मोदी सरकार देश की संसद की चौखट चूमने जा रही है। न्यूज चैनल प्रशस्तियां गा रहे हैं कि नेहरू और इंदिरा के बाद मोदी तीसरे व्यक्ति हैं, जो...

बस पर्दा उठने की देर है

मीडियावाला.इन। अब हार-जीत में सिर्फ चंद घंटों का फासला है। पूरा देश धडक़नों को साधे हुए उस घड़ी का इंतजार कर रहा है। इंतजार उन लोगों में सबसे ज्यादा है, जो बदलाव या ठहराव के माध्यम बनने वाले हैं। उनके...

कैमरा योग

कैमरा योग

मीडियावाला.इन।     कलिकाल में एक योगी हुए, जिनके पुण्य प्रताप से दशों दिशाएं चमत्कृत थी। जितनी रोशनी सूरज एक दिन में धरती पर फेंकता है, उससे कहीं ज्यादा कैमरे के फ्लैश उनके चेहरे पर पड़ते। जहां जाते...

कान और मुंह का फासला

कान और मुंह का फासला

मीडियावाला.इन। आली जनाब आकर बैठे हैं। लोग उत्सुक और उत्साहित हैं कि अब कुछ बात होगी। सब पूरी तैयारी से आए हैं। हालांकि सूचना देर से मिली थी, इसलिए बहुत ज्यादा वक्त तो नहीं मिल पाया, लेकिन हवाओं में ही...

मासूमों का लोकतंत्र

मासूमों का लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। राहुल गांधी की सभा खत्म होती है। भीड़ बाहर आती है, जिसमें ढेर सारे चेहरे हैं। अलग-अलग रूप-रंग और आकार-प्रकार के चेहरे, लेकिन लौटते समय ज्यादातर पर कोई भाव नहीं है। जबकि इनमें से कई लोगों ने तालियां पीटी,...

डिवाइडर इन चीफ 

डिवाइडर इन चीफ 

भस्मासुर की कहानी तो सभी ने सुनी ही होगी। वही की एक असुर था, भगवान शिव को तपस्या कर प्रसन्न कर लिया। वरदान मांगा कि जिसके सिर पर हाथ रख दूं, वह भस्म हो जाए। भोलेनाथ ने भक्त...

कठघरे में देवता

कठघरे में देवता

मीडियावाला.इन।   तो उसने खड़े होकर अंगुली से इशारा किया और सरे आम न्याय के देवता पर आरोप लगा दिया। रोज कठघरे में खड़ा कर हजारों लोगों को मिमयाते देखने के अभ्यस्त देवता के चारों ओर लकडिय़ां जमने लगीं।...

वोटकटवा

वोटकटवा

मीडियावाला.इन। कहते हैं, सितारे गर्दिश में हो तो ऊंट पर बैठे आदमी को भी सांप काट लेता है। इस चुनाव में भी ऐसे ही चेहरे तलाशे जा रहे हैं, जो सत्ता के ऊंट पर बैठे लोगों के लिए सांप बन...

क्योंकि मैं गैर राजनीतिक हूं

मैं एक बात पहले ही बहुत साफ कर देना चाहता हूं कि मैं एक गैर राजनीतिक व्यक्ति हूं। सियासी बातों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मैं यहां पर सिर्फ अपनी बात करने के लिए आया हूं। आप...

यहां श्राप देना सिखाया जाता है

यहां श्राप देना सिखाया जाता है

मीडियावाला.इन। सोचता हूं कि यदि श्राप में इतनी ताकत है तो क्यों न उसके लिए एक ट्रेनिंग सेंटर ही खोल दूं। लोग आएं और श्राप देना सीखें। जिससे भी परेशानी हो, उसे श्राप दें और एक-डेढ़ महीने तक इंतजार करें।...

अब जमीन पर आ जाओ प्यारे

अब जमीन पर आ जाओ प्यारे

हां तो हो गई ना वोटिंग। अंगुली पर नीले निशाने वाले फोटो डाल दिए फेसबुक पर। बता दिया ना कि कितने जिम्मेदार नागरिक हो। वाट्सएप के फैमिली ग्रुप में भी फोटो दौड़ा दिए ना। फिर क्या बाकी रह...

इससे अच्छी विदाई की हकदार थी ताई

इससे अच्छी विदाई की हकदार थी ताई

मीडियावाला.इन। सुमित्रा महाजन के चुनाव लडऩे से इनकार के साथ ही इंदौर की सियासत का एक बड़ा अध्याय पूरा हो गया। आठ लोकसभा चुनाव से वे इंदौर का चेहरा रही हैं। 38 वर्ष से भी अधिक लंबी पारी...