Tuesday, October 23, 2018

Blog

अमित मंडलोई

Studied B.Sc. BJ MA LLM Dlit (H), 18 years in Journalism. Working on all media platform TV, WEB and print. 

In Patrika this is third edition earlier looking after Ujjain and Gwalior as editor. Now in Indore as Zonal editor. 

क्योंकि नदी को मौत नहीं आती

क्योंकि नदी को मौत नहीं आती

यह उसकी नियती है या विवशता कि रोज मरकर भी नदी को मौत नहीं आती। न जाने कौन सी उम्मीद हर बूंद में बांध रखी है, जो उसे जिलाए रखती है। जिंदगी और मौत दोनों उसके आंचल में...

आचार संहिता की रात

आचार संहिता की रात

मीडियावाला.इन।  आचार संहिता लागू हो गई है। नेताजी कमरे में बैठे हैं। जैसे मौत के पहले जिंदगी की कहानी आंखों मैं तैरने लगती है। नेताजी को भी पांच साल का किया-धरा याद आ रहा है। कुछ खास सहयोगियों...

धर्म की लीला राम

मीडियावाला.इन।  मंच सजा हुआ है, दरबार चल रहा है। धर्म राज की स्थापना के लिए हर नित नए कौतुक किए जा रहे हैं। राजा को रंग से बड़ा लगाव है, इसलिए सबसे पहले हर जगह के रंग...

कितनी डरावनी होती है रजस्वला स्त्रियां

कितनी डरावनी होती है रजस्वला स्त्रियां

रजस्वला स्त्रियां सच में बहुत डरावनी होती है। इतनी कि उनसे भगवान भी डरते हैं। खास दिनों में तो ठीक उस अवधि से गुजरने की पूरी उम्र में भी उन्हें दर्शन देने से परहेज करते हैं। अदालत जब इसे...

वह बपौती नहीं है

वह बपौती नहीं है

मीडियावाला.इन। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने सदियों से स्त्री को गुलाम बनाकर उस पर शासन के दंभ को जी रहे पुरुषवादियों को एक और करारा झटका दिया है। धारा 497 को असंवैधानिक करार देते ही स्त्री पुरुषों...

पढ़ाना अपराध है, आइये नारे लगाते हैं, क्योंकि यही देशभक्ति है 

पढ़ाना अपराध है, आइये नारे लगाते हैं, क्योंकि यही देशभक्ति है 

मंदसौर कॉलेज में कुछ लोग घुसते हैं। कक्षाओं के दौरान नारेबाजी करते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ा रहे एक प्रोफेसर शोर न करने का आग्रह करते हैं तो पूरी भीड़ उन्हें प्रताडि़त करने लगती है। उन पर राष्ट्रद्रोह का...

पढ़ाना अपराध है, आइये नारे लगाते हैं, क्योंकि यही देशभक्ति है

पढ़ाना अपराध है, आइये नारे लगाते हैं, क्योंकि यही देशभक्ति है

मीडियावाला.इन। मंदसौर कॉलेज में कुछ लोग घुसते हैं। कक्षाओं के दौरान नारेबाजी करते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ा रहे एक प्रोफेसर शोर न करने का आग्रह करते हैं तो पूरी भीड़ उन्हें प्रताडि़त करने लगती है। उन पर राष्ट्रद्रोह...

कैमरों को अदालत में क्या देखने को मिलेगा

कैमरों को अदालत में क्या देखने को मिलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की कार्रवाई का सीधा प्रसारण करने की इजाजत दे दी है। तब से सोच में डूबा हूं कि इन कैमरों को अदालत में क्या देखने को मिलेगा। संसद का सीधा प्रसारण शुरू होने के...

विमान पर सवार घोड़े

विमान पर सवार घोड़े

एक गांव में एक सेठ रहता था। सेठ बहुत परोपकारी था। खास बात यह थी कि उसने सबकुछ अपनी मेहनत से कमाया था। पैसा कमाने, बचाने और सही जगह लगाने में उसे महारत हासिल थी। सबसे अहम उसकी पारखी...

संघ प्रमुख से 215 सवाल

संघ प्रमुख से 215 सवाल

मैं इस बहस में नहीं पडऩा चाहता कि क्या वजह थी, जिसके कारण संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस तरह संगठन की विचारधारा, सोच-समझ पर बात करने के लिए आगे आना पड़ा। मेरा मन उन 215 सवालों पर...

हाय हम अनूप न हुए

हाय हम अनूप न हुए

37 बरस छोटी शिष्या से प्रेम संबंधों का खुलासा कर अनूप जलोटा पूरे देश में एक नई लगन लगाने में कामयाब हो गए हैं। चाय-पान की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया तक में हर कोई जलोटा के इस...

प्रेम की धारा...राधा

प्रेम की धारा...राधा

हर धारा कभी न कभी समुद्र में विलीन हो जाती है। जो बूंदें समुद्र के प्रेम में आकंठ डूबी होती हैं, उनके सामने यदा-कदा समुद्र खुद भी उपस्थित हो जाता है। प्रेम की धरती सिर्फ घूमती नहीं, वेग...

मेरे पास पेट्रोल है

मेरे पास पेट्रोल है

दीवार का वही दृश्य। दोनों भाई फ्लायओवर के नीचे खड़े हैं। माहौल बेहद गर्म है। एक चीखकर कहता है, भाई तुम उन लोगों के नाम क्यों नहीं बता देते, जो टैक्स कम नहीं कर रहे हैं। इस कागज पर...

गंगाजल : नया प्रसाद

मीडियावाला.इन। चुनाव की तैयारियां चरम पर थीं। विरोधी नेताजी पर रोज नए-नए आरोप लगा रहे थे। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि कैसे इस चक्रव्यूह से निकलें। पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी मतदाता के...

प्रेम कैसे अपराध हो सकता है

प्रेम कैसे अपराध हो सकता है

मीडियावाला.इन। भीड़ का अपना चरित्र होता है। वह आसपास अपने जैसे चेहरे-मोहरे देखना पसंद करती है। क्योंकि अलग दिखने और होने वाले लोग उसे खलते हैं। हम तय परिभाषाओं के परकोटे से ही क्यों घिरे रहना चाहते हैं। दुनिया...

हो कहीं भी, लेेकिन आग जलनी चाहिए

हो कहीं भी, लेेकिन आग जलनी चाहिए

मुर्दा जिस्म सिर्फ श्मशानों के काम आते हैं। जिंदा कौमें अपनी बारी का इंतजार नहीं करती। वह लडऩा जानती है। हार-जीत का सवाल तो कभी रहा ही नहीं।  सवाल अपनी बात रखने और उसके लिए जान लड़ा देने का...

शिक्षक ही असली किताब, पूरी पाठशाला 

शिक्षक ही असली किताब, पूरी पाठशाला 

धार जिले में मांडू रोड पर बगड़ी चौराहे के विपरीत एक गांव है। नाम ठीक से याद नहीं, शायद आली रहा होगा। छोटा सा गांव है, उसमें एक प्राथमिक स्कूल है। कोई 12-13 वर्ष पहले मैं रिपोर्टिंग के...

एक संत की संलेखना

एक संत की संलेखना

सदियों से सुन रहे हैं कि जन्म लेते ही हमारा कदम मृत्यु की ओर बढ़ता है। रोज रात को नींद में हम पूर्वाभ्यास भी करते हैं। बावजूद इसके हर वक्त इसी कोशिश में रहते हैं कि कैसे मृत्यु को...

सियासी कान और विचारों का मुरब्बा

सियासी कान और विचारों का मुरब्बा

एक दुकान में तरह-तरह के कान बिक रहे थे। सबका आकार-प्रकार और रंग तो लगभग एक जैसा था, लेकिन गुण सबके अलग-अलग थे। ऑफ सीजन था इसलिए डिस्काउंट भी अच्छा खासा था। कुछ कानों के साथ स्पेशल ऑफर भी...

अब कैसे कहेंगे शो मस्ट गो ऑन

अब कैसे कहेंगे शो मस्ट गो ऑन

मीडियावाला.इन।  पीढिय़ों के बीच न जाने ये कैसा अंतरद्वंद्व है, जो खत्म होने का नाम नहीं लेता। पुरखों से बड़ी लकीर खींचने की जद्दोजहद पता नहीं कब तक हमें अपनी विरासतों से महरूम करती रहेगी। कोई वजह नजर नहीं...