Wednesday, June 19, 2019

Blog

हेमंत पाल

तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में संलग्न। नवभारत, नईदुनिया (इंदौर, भोपाल) और जनसत्ता (मुंबई) में कार्य किया। नईदुनिया में लम्बे समय तक चुनाव डेस्क प्रभारी। राजनीतिक और फिल्म और टीवी पत्रकारिता में परीचित नाम। देशभर के अखबारों और पत्रिकाओं में लेखन। राजनीतिक और फिल्म स्तंभकार। फिलहाल 'सुबह सवेरे' के इंदौर संस्करण में स्थानीय संपादक।


संपर्क : 9755499919

असंतुष्टों से मेलजोल का मकसद कहीं पार्टी पर दबाव बनाना तो नहीं?

असंतुष्टों से मेलजोल का मकसद कहीं पार्टी पर दबाव बनाना तो नहीं?

मीडियावाला.इन।  इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन 'ताई' के राज्यपाल बनने की एक अफवाह ने पिछले दिनों माहौल को गरमा दिया था! दिनभर बधाइयाँ चलती रही! 'ताई' के समर्थकों ने खुशियाँ मानना शुरू कर दिया था! लेकिन,...

भक्ति संगीत से मेरे जीवन में बड़ा बदलाव आया:अनूप जलोटा  

भक्ति संगीत से मेरे जीवन में बड़ा बदलाव आया:अनूप जलोटा  

मीडियावाला.इन। भजन सम्राट अनूप जलोटा से वरिष्ठ पत्रकार  हेमंत पाल  की बातचीत     भजन सम्राट कहे जाने वाले अनूप जलोटा पिछले दिनों निजी यात्रा पर इंदौर आए थे! इस दौरान उनसे भक्ति संगीत, गुरू-शिष्य...

राजनीति का मूड बताएगा झाबुआ का थर्मामीटर!

राजनीति का मूड बताएगा झाबुआ का थर्मामीटर!

मीडियावाला.इन।   झाबुआ को प्रदेश की राजनीतिक गर्मी मापने का थर्मामीटर कभी नहीं माना गया! लेकिन, संयोग है कि ये मौका दूसरी बार झाबुआ को ही मिला! पिछले लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा सांसद दिलीपसिंह भूरिया का निधन...

बंगाली सत्ता में सेंध मारने में अव्वल रहे इंदौर के 'भाई'

बंगाली सत्ता में सेंध मारने में अव्वल रहे इंदौर के 'भाई'

मीडियावाला.इन।  इस बात को करीब तीन दशक हो गए जब लोग इंदौर की एलआईजी कॉलोनी के चौराहे पर केशरिया दुपट्टा डाले एक नेता को अकसर देखते थे! तब वे स्कूटर के पीछे बैठे नजर आते थे!...

पाँच महीने में क्या बदला कि मुरझाया कमल फिर खिला!

पाँच महीने में क्या बदला कि मुरझाया कमल फिर खिला!

मीडियावाला.इन। लोकसभा चुनाव नतीजों से सभी हतप्रभ है! भाजपा ने देश में जो चमत्कार किया, वो सभी ने देखा! लेकिन, पाँच महीने पहले मध्यप्रदेश में जो उलटफेर हुआ, लोग वो भी भूले नहीं हैं। लोग समझ नहीं पा...

धार लोकसभा सीट:कांटाजोड़ मुकाबले में फँसी भाजपा की साख!

मीडियावाला.इन।  इस आदिवासी सीट पर पिछले चुनाव में मोदी लहर का ख़ासा असर था। लेकिन, इस बार माहौल बदला हुआ है। विधानसभा चुनाव में जिले की 7 में से 6 सीटों पर कांग्रेस ने जीत का झंडा लहराया!...

इंदौर के बहाने 'भाजपा' और 'ताई' दोनों की प्रतिष्ठा दाँव पर!

इंदौर के बहाने 'भाजपा' और 'ताई' दोनों की प्रतिष्ठा दाँव पर!

मीडियावाला.इन।  भाजपा ने इस बार इंदौर लोकसभा सीट से सुमित्रा महाजन 'ताई' का टिकट 75 साल के फार्मूले के तहत काट दिया। यहाँ से नए उम्मीदवार शंकर लालवानी को उम्मीदवार बनाया गया। ऐसे में 'ताई'...

ताई इतनी काबिल है तो, फिर टिकट क्यों काटा?

ताई इतनी काबिल है तो, फिर टिकट क्यों काटा?

मीडियावाला.इन।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को चुनावी सभा को संबोधित करने इंदौर आए थे! उन्होंने अपनी लच्छेदार बातों से भीड़ को जमकर प्रभावित किया! लोगों से तालियां भी बजवाई! पर, अपने पीछे कुछ अनुत्तरित सवाल छोड़...

पश्चिमी मध्यप्रदेश में अनसोचे नतीजों से इंकार नहीं!

पश्चिमी मध्यप्रदेश में अनसोचे नतीजों से इंकार नहीं!

मीडियावाला.इन। पूरे देश में चुनाव की गर्मी ठंडी हो गई! लेकिन, पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ में मौसम और चुनाव की गर्मी जोश पर है। यहाँ की 8 लोकसभा सीटों पर सातवें चरण में मतदान होगा! अब यहाँ ...

'ताई' की राजनीतिक विरासत का सही उत्तराधिकारी कौन!  

'ताई' की राजनीतिक विरासत का सही उत्तराधिकारी कौन!  

मीडियावाला.इन।  इंदौर की भविष्य की राजनीति का सिक्का हवा में उछल चुका है! जब ये सिक्का नीचे गिरेगा तो ऊपर 'चित' आता है या 'पट' कोई नहीं जानता! तीन दशकों से जिस लोकसभा सीट पर सुमित्रा...

चुनावी मौसम की गर्मी और नेताओं की बेलगाम होती जुबान!

मीडियावाला.इन। इस बार के लोकसभा चुनाव को मध्यप्रदेश में नेताओं के बिगड़े बोल के लिए भी याद किया जाएगा! ये किसी एक पार्टी के नेताओं की बपौती नहीं रह गई, सभी को बदजुबानी की बीमारी लग गई है!...

भाजपा के लिए मुश्किल है मध्यप्रदेश की आदिवासी सीटें!  

भाजपा के लिए मुश्किल है मध्यप्रदेश की आदिवासी सीटें!  

अपनी सारी कोशिशों के बाद भी लोकसभा चुनाव में भाजपा आदिवासी क्षेत्रों में अपनी ताकतवर मौजूदगी दर्ज नहीं करा सकी! मध्यप्रदेश की 6 आदिवासी सीटों में से कहीं भी भाजपा का पलड़ा भारी नहीं लग रहा! पिछले चुनाव...

भाजपा और कांग्रेस दोनों को सेबोटेज का खतरा!

भाजपा और कांग्रेस दोनों को सेबोटेज का खतरा!

पश्चिम मध्यप्रदेश की मालवा-निमाड़ इलाके की 8 लोकसभा सीटों के लिए दोनों पार्टियों के अधिकांश उम्मीदवार घोषित हो गए! लेकिन, पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए जीत गले में फँसी हड्डी की तरह हैं! उम्मीदवारों को देखकर...

कांग्रेस को कहीं महँगी न पड़ जाए रियासतों की सियासत!

कांग्रेस को कहीं महँगी न पड़ जाए रियासतों की सियासत!

मीडियावाला.इन।सियासत में रियासतों का दखल आज भी कायम है। रियासतें चली गई, पर उनकी जगह सियासतों ने ली ली! वही अंदाज और वही ठसका कायम है! पर, इसका नतीजा भुगतना पड़ रहा है लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक पार्टियों...

आखिर खुल ही गई 'ताई' के पल्लू से इंदौर की चाभी!

आखिर खुल ही गई 'ताई' के पल्लू से इंदौर की चाभी!

मीडियावाला.इन। ये आशंका सही साबित हुई कि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार इंदौर लोकसभा सीट से सुमित्रा महाजन 'ताई' को उम्मीदवार नहीं बनाएगी! पार्टी ने ये फैसला काफी पहले कर लिया था! इस राज को...

भाजपा के कितने टिकिट कटेंगे और कितने बचेंगे?

भाजपा के कितने टिकिट कटेंगे और कितने बचेंगे?

मीडियावाला.इन।  भाजपा को यदि मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करना है, तो उसे आरएसएस की सर्वे रिपोर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसा कि उसने विधानसभा चुनाव के समय किया था! ऐसा किया गया...

'ताई' की उम्मीदवारी पर छाये संदेह के बादल! 

'ताई' की उम्मीदवारी पर छाये संदेह के बादल! 

अभी इस सवाल का जवाब दावे से नहीं दिया जा सकता कि भारतीय जनता पार्टी 'ताई' यानी सुमित्रा महाजन को 9वीं बार इंदौर से उम्मीदवार बनाएगी या नहीं! पार्टी ने उम्मीदवारों की कई लिस्ट जारी कर दी, पर...

भाजपा के पास मालवा-निमाड़ में जिताऊ चेहरे नहीं बचे!

भाजपा के पास मालवा-निमाड़ में जिताऊ चेहरे नहीं बचे!

मध्यप्रदेश की राजनीति में टोटका है कि जिस पार्टी की स्थिति मालवा-निमाड़ में अच्छी होती है, वही सरकार बनाती है! विधानसभा चुनाव में तो ये कई बार साबित भी हो चुका है! पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने...

सत्ता खोने की पीड़ा और भाजपा का आर्तनाद! 

सत्ता खोने की पीड़ा और भाजपा का आर्तनाद! 

जब से मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी है, भाजपा की रातों की नींद हराम है! छोटे कार्यकर्ता से लगाकर डेढ़ दशक तक सरकार चलाकर फुर्सत हुए शिवराजसिंह चौहान तक को हार पच नहीं रही! जिस दिन...

भाजपा को सत्ता में लाने के लिए संघ की कवायद!

भाजपा को सत्ता में लाने के लिए संघ की कवायद!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ के बारे में राजनीतिक जुमला है कि सत्ता की तिजोरी का ताला यहीं से खुलता है। ये इलाका संघ का गढ़ रहा है। लेकिन, इस बार विधानसभा चुनाव में सब उलट गया। 15 साल...