
मूसलधार बारिश से सेंधवा बेहाल: घरों में घुसा पानी, सड़कें डूबीं, कई गांवों का संपर्क टूटा; पुराने राजघाट पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद
बड़वानी :बड़वानी जिले के सेंधवा और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार शाम हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बारिश के कारण नाले और छोटी नदियां उफान पर आ गईं, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें और पुल-पुलियाएं जलमग्न होने से कई गांवों का संपर्क सेंधवा शहर से कट गया, जबकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कल रात से आज सुबह तक सेंधवा में 8 इंच से अधिक बारिश हुई.
सेंधवा के राम कटोरा सहित कई रिहायशी कॉलोनियों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। घरों के बाहर खड़ी कारें और दोपहिया वाहन आधे तक पानी में डूब गए। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते निचले इलाकों में रहने वाले कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
टेंट हॉउस संचालक किरण पँवार ने बताया कि तेज बहाव में उनका एक ऑटो-रिक्शा और हाथ ठेला बह गया। इसके अलावा उनके सामने रहने वाले गुलाब चंद्र एरन की दो बाईक भी बह गयी. कुछ जानवरों के बह जाने की भी सूचना है।
बारिश के कारण कई पुल और रपटे पानी में डूब गए, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सेंधवा और आसपास के गांवों के बीच सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से जलमग्न रास्तों और उफनते नालों को पार नहीं करने की अपील की है। कल शाम से आज सुबह तक सेंधवा में 206.01 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है.
सेंधवा के एसडीओपी अजय वाघमारे ने बताया कि शहर की कुछ निचली बस्तियों में पानी भर गया है। स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नगर पालिका की टीमें जल निकासी और राहत कार्य में जुटी हुई हैं। सेंधवा की नगरपालिका अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने राहत कार्य का मोर्चा संभाल कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इधर, बड़वानी से करीब पांच किलोमीटर दूर नर्मदा नदी पर बने पुराने राजघाट पुल के दोनों ओर प्रशासन ने जेसीबी मशीनों से गहरी खाइयां खोदकर आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। यह पुल बड़वानी और धार जिले को जोड़ता है, लेकिन वर्ष 2018 में इसकी आयु पूरी होने के बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद लोग इस पुल का उपयोग कर रहे थे। अब प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इसे पूरी तरह बंद कर दिया है। पुल के समानांतर बना नया ऊंचा पुल पहले से ही यातायात के लिए संचालित है, जिससे धार जिले को कनेक्टिविटी मिलती है।

वहीं, मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित बिजासन घाट क्षेत्र में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। आगरा-मुंबई फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जिला प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी हाल में उफनती नदी, नाले या पानी से ढके रपटों को पार करने का प्रयास न करें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क करें।




