मैदान में बढ़ी महिला IPS अफसरों की मौजूदगी, इस साल महिला अफसर के DGP बनने की भी संभावना

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मैदान में बढ़ी महिला IPS अफसरों की मौजूदगी, इस साल महिला अफसर के DGP बनने की भी संभावना

भोपाल: देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं आरक्षण देने की पहल के बीच मध्य प्रदेश पुलिस की तस्वीर एक साथ बदलाव और असंतुलन के दोनों संकेत देती है। जहां एक ओर फील्ड में महिला आईपीएस अफसरों की मौजूदगी बढ़ी है, वहीं इस साल महिला आईपीएस अफसर के डीजीपी बनने की संभावनाएं भी प्रवल हैं।

प्रदेश के 55 जिलों वाले मध्य प्रदेश में महिला आईपीएस अधिकारियों की फील्ड तैनाती पहले के मुकाबले मजबूत हुई है। वर्तमान में चार जिलों में पुलिस कप्तानी महिला अफसर कर रही है। वहीं एक रेंज में महिला अफसर आईजी की कमान थामे हुए हैं। भोपाल जैसे महत्वपूर्ण शहर में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और उपायुक्त के पद पर तीन महिला अफसरों की तैनाती है। प्रदेश में मैदानी स्तर पर इतनी संख्या में महिला आईपीएस अफसरों की पहली बार पोस्टिंग देखी जा रही है।
आईजी चैत्रा एन शहडोल रेंज की कमान संभाले हुए हैं। वहीं भोपाल में मोनिका शुक्ला अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सविता सोनाने शहडोल रेंज की डीआईजी है। इसी तरह यांगेचन डोलकर इंदौर ग्रामीण, हितिका वासल गुना, निवेदिता नायडू पन्ना और वाहिनी सिंह डिंडौरी की एसपी हैं। जबकि श्रद्धा तिवारी और सोनाीक्षी सक्सेना भोपाल में डीसीपी की जिम्मेदारी संभाल रही है।

कई वरिष्ठ महिला आईपीएस अफसर अभी भी फील्ड पोस्टिंग से दूर हैं।
हालांकि कई महिला अफसर अब भी ऐसी है जो लंबे अरसे से मैदानी पोस्टिंग के इंतजार में हैं। आईजी प्रशासन रुचि वर्धन मिश्रा, गृह सचिव एवं आईजी कृष्णा वैनी, किरण लता केरकेट्टा, सिमाला प्रसाद, रचना ठाकुर, निवेदिता गुप्ता,मृगाखी डेका, प्रियंका शुक्ला फील्ड से दूर हैं। आईपीएस अफसरों की बहुप्रतिक्षित तबादला सूची में इनमें से कुछ अफसरों को मैदानी पोस्टिंग मिलने के आसार हैं।

सबसे बड़े पद पर महिला अफसर की संभावना
प्रदेश में इस साल पुलिस नेतृत्व के शीर्ष पद पर बड़ा बदलाव होना है। मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना 30 नवंबर को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं और 1 दिसंबर को नए डीजीपी की नियुक्ति होगी। ऐसे में 1993 बैच की वरिष्ठ महिला आईपीएस एवं होमगार्ड डीजी प्रज्ञाऋचा श्रीवास्तव का नाम संभावित दावेदारों में शामिल है। मध्य प्रदेश में कई बार महिला अफसर को डीजीपी बनाने के लिए नाम पर विचार हुआ, लेकिन अब तक कोई भी महिला अफसर इस पद पर काबिज नहीं हो सकी।