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5 Culprits Asked for Time : बिलकिस मामले के 11 में से 5 दोषियों ने में सरेंडर के लिए समय मांगा!

किसी ने बेटे की शादी, किसी ने ऑपरेशन और किसी ने फसलों की कटाई कारण बताया!  

5 Culprits Asked for Time : बिलकिस मामले के 11 में से 5 दोषियों ने में सरेंडर के लिए समय मांगा! 

 

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बिलकिस बानो मामले के 11 दोषियों में से 5 ने याचिका दाखिल कर जेल में सरेंडर करने के लिए और समय मांगा है। उनके वकीलों ने दलील दी है कि सरेंडर करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया था, वह 22 जनवरी को खत्म हो रहा है। ऐसे में उनकी याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार कर लिया है।

इन पांच दोषियों में गोविंदभाई नई, प्रदीप मोरधिया, बिपिन चंद्र जोशी, रमेश चंदना और मितेश भट्‌ट शामिल हैं। इन दोषियों में से किसी ने अपने बेटे की शादी, किसी ने पैर की सर्जरी, किसी ने माता-पिता की देखभाल करने, किसी ने फसलों की कटाई का कारण बताकर सरेंडर की तारीख में एक्सटेंशन मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो का गैंगरेप करने के 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था- गुजरात सरकार दोषियों को कैसे माफ कर सकती है। सुनवाई महाराष्ट्र में हुई है तो रिहाई पर फैसला भी वहीं की सरकार करेगी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बिलकिस के घर पर पटाखे फोड़े गए।

8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बिलकिस ने एक बयान जारी कर सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि असल में आज मेरे लिए नया साल शुरू हुआ है। मेरी आंखें राहत के आंसुओं से भीग गई हैं। पिछले डेढ़ साल में आज पहली बार मेरे चेहरे पर मुस्कान आई है।

 

दोषी पुलिस के संपर्क में नहीं

कोर्ट के फैसले के दो दिन बाद गुजरात पुलिस ने जानकारी दी कि बिलकिस बानो गैंगरेप के 11 दोषी उनके संपर्क में नहीं है। गुजरात के दाहोद SP बलराम मीणा ने दावा किया कि पुलिस के पास दोषियों के सरेंडर करने की जानकारी नहीं है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की कॉपी भी अब तक नहीं मिली है, जिसमें दोषियों को दो हफ्ते में सरेंडर करने को कहा गया है।

दाहोद SP ने बताया कि सभी दोषी गुजरात के सिंगवाड के रहने वाले हैं। उनमें से कुछ अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए आते रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रणधीकपुर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किए गए हैं।