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रोका तो दोनों बच्चों ने थाने में जाकर अपने माता पिता के खिलाफ ही केस दर्ज करा दिया और अपनी बुआ के साथ रहने लगे। पुलिस ने इस मामले में बंधक बनाने, भद्दी टिप्पणी करने और महिला को व्यभिचार की धमकी देने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने यह केस वर्ष 2021 में दर्ज किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए फिलहाल पेरेंट्स को राहत दी है। हाईकोर्ट ने ट्रायल पर अंतरित रोक लगा दी है।
विदिशा सहित कई जिलों में कर चुके हैं कप्तानी
धर्मेंद्र चौधरी विदिशा सहित कई जिलों में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। वे राज्य पुलिस सेवा से भर्ती हुए थे। कई शहरों में डीएसपी रहे, इसके बाद पदोन्नत होकर के कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहे। इसके बाद उन्हें आईपीएस अवार्ड हुआ। वे विदिशा सहित कई जिलों में एसपी रहे। इसके बाद पदोन्नत होकर वे भोपाल के डीआईजी बने।