यात्री सुरक्षा के लिए इस बार दीवाली पर भी दोपहर 3 बजे तक होगी वाहनों जांच, RTO, आरक्षक से लेकर 750 कर्मचारी दीवाली पर होंगे सड़कों पर

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यात्री सुरक्षा के लिए इस बार दीवाली पर भी दोपहर 3 बजे तक होगी वाहनों जांच, RTO, आरक्षक से लेकर 750 कर्मचारी दीवाली पर होंगे सड़कों पर

भोपाल: राजस्थान की तरह ज्वलनशील पटाखे यात्री बसों में लेकर चलने से कोई बड़ा हादसा न हो जाए, यात्री वाहनों में यात्रियों से अधिक किराये की वसूली न हो इसलिए इस बाद बसों में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दीपावली की दोपहर तीन बजे तक इस बार परिवहन विभाग के आरटीओ,आरक्षक से लेकर बाबू तक 750 अधिकारियों और कर्मचारियों का अमला सड़कों पर उतरेगा।

परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह के निर्देश पर परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने प्रदेश के सभी आरटीओ को दीवाली को दोपहर तीन बजे तक काम करने के निर्देश दिए है। यात्री बसों, स्लीपर बसों और स्कूल बसों की नियमित रुप से जांच क अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जांच की जाएगी। जिन वाहनों में नियम विरुद्ध पटाखों का परिवहन होता मिलेगा अग्नि सुरक्षा संबंधी मानक उपकरण चालू हालत में नहीं मिलेंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। दीपावली को दोपहर तीन बजे तक विभिन्न स्तरों पर जांच की जाएगी।

इंदौर में ज्यादा किराया वसूल रही बस से किराया वापस कराया-

उप परिवहन आयुक्त किरण शर्मा ने बताया कि इंदौर में की गई यात्री बसों की जांच में पाया गया कि वहां यात्रियों से ज्यादा किराया वसूला जा हा था। परिवहन विभाग के अमले ने जांच के बाद ज्यादा वसूला गया किराया लोगों को वापस दिलाया। पूरे प्रदेश में बसों की जांच कर देखा जा रहा है कि ज्वलनशील पदार्थो का परिवहन तो नहीं हो रहा है। अग्निशमन उपकरण चालू हालत में है या नहीं, यात्रियों से ज्यादा किराया तो वसूल नहीं किया जा हा है।

वाहनों पर बाकी मोटरयान कर और जुर्माने की राशि पंद्रह दिन में पोर्टल पर चढ़ेगी-

बीमा फैच नहीं होंने के कारण वाहन पंजीकरण, नवीनीकरण के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही है इस संबंध में तत्काल समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। वाहन पोर्टल पर माइग्रेट होंने के पूर्व जिन वाहनों पर मोटरयान कर और जुर्माने की राशि वसूली होंना बाकी है और जिसका निर्धारण वाहन पोर्टल पर नहीं किया गया है ऐसे प्रकरणों का निराकरण पंद्रह दिन में अनिवार्य रुप से करते हुए शोध्य राशि को वाहन पोर्टल पर प्रदर्शित करना होगा।

एचएसआरपी के लिए अभियान-प्रदेश के अधिकांश वाहनों में एचएसआरपी नहीं है। इन वाहनों में एचएसआरपी लगवाने विशेष अभियान चलेगा। वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी होंने से पहले अन्य दस्तावेजों के साथ एचएसआरपी होंना अनिवार्य है। इसके बिना फिटनेस नहीं होगा। दोपहिया वाहनों को हेलमेट अनिवार्य रुप से धारण करने की जांच की जाएगी। बिना परमिट, बिना टैक्स दिए वाहनों पर कार्यवाही होगी। स्टैट कैरेज में चल रहे वाहन तय रुट पर चले, परमिट शर्तो का उल्लंघन न करे इसकी भी जांच होगी प्रदेशभर में चल रहे एटीएस की जांच होगी।प्राथमिक चिकित्सा उपकरण वाहनों में हो इसको भी देखा जाएगा। लंबी दूरी के वाहनों में तय दूरी तक वाहन चले यह सुनिश्चित कराया जाएगा।