
MP’s National Image is in Question: जानिए 2025 की ऐसी खबरें जो नकारात्मक सुर्खियां बनी
INDORE: स्टेट प्रेस क्लब इंदौर द्वारा किए गए सर्वेक्षण और मीडिया आकलन में मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय पहचान को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। एक समय राष्ट्रीय खबरों से लगभग बाहर रहने वाला यह राज्य अब नियमित रूप से देशभर की सुर्खियों में है, लेकिन उपलब्धियों के कारण नहीं, बल्कि संकट, विवाद और प्रशासनिक विफलताओं की वजह से।
*▪️“डेड स्टेट” से लगातार हेडलाइन स्टेट तक*
▫️लंबे समय तक मध्य प्रदेश को एक ऐसा राज्य माना जाता रहा, जहां से राष्ट्रीय स्तर की खबरें कम ही निकलती थीं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की तुलना में यहां बड़े घटनाक्रम और व्यापक रिपोर्टिंग अपेक्षाकृत सीमित थी। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह धारणा पूरी तरह बदल चुकी है। अब लगभग हर महीने मध्य प्रदेश से कोई न कोई ऐसी खबर सामने आ रही है, जो राष्ट्रीय बहस का विषय बनती है।
*▪️स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतें*
▫️देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित नल के पानी से 14 लोगों की मौत और 1100 से अधिक लोगों का बीमार पड़ना न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए झकझोरने वाली घटना रही।
*▪️90 डिग्री ब्रिज बना राष्ट्रीय मजाक*
▫️भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बना 90 डिग्री का रेलवे ओवरब्रिज इंजीनियरिंग लापरवाही और प्रशासनिक गैरजिम्मेदारी का प्रतीक बन गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो देशभर में वायरल हुए।
*▪️मंत्री विजय शाह का विवादित बयान*
▫️मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। हाई कोर्ट द्वारा एफआईआर के आदेश और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद इस्तीफा न होना राजनीतिक संरक्षण पर सवाल बना।
*▪️ड्रग्स, तस्करी और सत्ता से जुड़े चेहरे*
▫️भोपाल में बड़ी ड्रग जब्ती, शहरी विकास मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई का गांजा तस्करी में गिरफ्तार होना और उनके साले का जेल में होना, सत्ता और अपराध के गठजोड़ की चर्चा को हवा देता रहा।
*▪️राजा रघुवंशी हत्याकांड*
▫️इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या और उसमें पत्नी व कथित प्रेमी की भूमिका सामने आने से यह मामला देशभर की मीडिया में छाया रहा।
*▪️सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की अकूत संपत्ति*
▫️रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के फार्महाउस से 17 टन शहद, करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी गाड़ियां और सोना-चांदी मिलना व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया।
*▪️स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार सवाल*
▫️सतना में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ने से मौतें, छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से 20 से अधिक बच्चों की मौत और इंदौर के MY अस्पताल के NICU में चूहों द्वारा नवजातों को काटने की घटनाएं राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र की विफलता के उदाहरण बने।
*▪️कानून व्यवस्था और पुलिस पर आरोप*
▫️भोपाल में इंजीनियरिंग छात्र उदित गायकी की पुलिस पिटाई से मौत, सिवनी में एसडीओपी द्वारा 3 करोड़ की कथित लूट, ट्रांसपोर्ट कांस्टेबल के पास 52 किलो सोना मिलने जैसे मामलों ने कानून व्यवस्था की साख को चोट पहुंचाई।
*▪️राजनीतिक और सामाजिक विवाद*
▫️मुरैना में भाजपा नेता द्वारा कार से लोगों को कुचलना, मंदसौर भाजपा नेता का हाईवे पर अश्लील वीडियो, 2023 चुनाव में वोट चोरी के आरोप, SIR सर्वे के दौरान BLO कर्मचारियों की मौतें और यूनियन कार्बाइड कचरे का निपटान जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे।
*▪️पर्यावरण और वन्यजीव संकट*
▫️टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में एक साल में 55 बाघों की मौत, कोल ब्लॉक आवंटन में पर्यावरणीय उल्लंघन और लाखों पेड़ों की कटाई ने विकास बनाम पर्यावरण की बहस को तेज किया।
*▪️नक्सल मुक्त राज्य की घोषणा*
▫️इन तमाम नकारात्मक खबरों के बीच राज्य को नक्सल मुक्त घोषित किया जाना एक सकारात्मक उपलब्धि रही, लेकिन यह खबर भी अन्य बड़े विवादों के शोर में दबती नजर आई।
▫️स्टेट प्रेस क्लब इंदौर के सर्वेक्षण से यह साफ संकेत मिलता है कि मध्य प्रदेश अब राष्ट्रीय नक्शे पर उभर जरूर रहा है, लेकिन गलत कारणों से। लगातार सामने आ रहे ये मामले किसी एक घटना या विभाग की विफलता नहीं, बल्कि व्यवस्था, जवाबदेही और संवेदनशीलता की सामूहिक कमी की ओर इशारा करते हैं। सवाल यह नहीं है कि खबरें क्यों आ रही हैं, सवाल यह है कि हर बार खबर नकारात्मक ही क्यों बन रही है। यदि शासन और प्रशासन ने समय रहते आत्ममंथन नहीं किया, तो “डेड स्टेट” से निकलकर “डिस्टर्ब्ड स्टेट” की छवि बन जाना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।





