Eye Donation : दो परिवारों में हुए मृतकों के नेत्रदान से चार नेत्रहीनों को मिलेगी रोशनी!

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Eye Donation : दो परिवारों में हुए मृतकों के नेत्रदान से चार नेत्रहीनों को मिलेगी रोशनी!

सराफा बाजार के घम्माणी परिवार तथा फ्रीगंज रोड़ के राठौर परिवार का अनुकरणीय उदाहरण!

Ratlam : सामाजिक संस्था नेत्रम के सदस्यों की सक्रियता से रविवार को शहर में दो नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। इन दोनों नेत्रदानों से अब चार दृष्टिहीनों को नया जीवन एवं नई रोशनी मिलने की आशा जगी है।

पहला नेत्रदान फ्रीगंज रोड निवासी स्वर्गीय वीरेन्द्र सिंह राठौर (विनीत चैतन्य गुरु) के निधन उपरांत सम्पन्न हुआ। उनके परिजन हरेंद्र सिंह राठौर, धर्मेंद्र सिंह राठौर, यशदेव सिंह राठौर, अमरेंद्र सिंह राठौर एवं शैलेंद्र सिंह राठौर ने गिरधारीलाल वर्धानी की प्रेरणा से नेत्रदान का निर्णय लिया।

इसी क्रम में दूसरा नेत्रदान शहर के चांदनी चौक सराफा बाजार क्षेत्र स्थित सुनारों की गली, निवासी सराफा व्यवसाई स्वर्गीय बसंतीलाल धम्माणी की धर्मपत्नी श्रीमती कोमल बाई धम्माणी के निधन उपरांत सम्पन्न हुआ। उनके सुपुत्र प्रकाशचंद धम्माणी, सुभाषचंद धम्माणी एवं समस्त परिजनों ने रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन प्रितेश गादिया, सीए अभिषेक रांका तथा तेरापंथ युवक परिषद के अर्पित बाफना की प्रेरणा से नेत्रदान की सहमति प्रदान की।

नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति प्राप्त होते ही रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके मार्गदर्शन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर राजवंत सिंह, विनोद कुशवाह एवं रितेश वसुनिया के सहयोग से नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण की।

उल्लेखनीय है कि दोनों नेत्रदानों के दौरान नेत्र संग्रहण टीम को दिवंगतों के निवास स्थान तक पहुंचाने एवं पुनः मेडिकल कॉलेज पहुंचाने की संपूर्ण व्यवस्था नेत्रम संस्था के सदस्य, समाजसेवी शलभ अग्रवाल द्वारा अपने निजी वाहन से की गई।

नेत्रदान के समय शलभ अग्रवाल, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी, गोपाल राठौड़ (पतरावाला), शैलेंद्र अग्रवाल, अंकित श्रीमाल, आदित्य पोरवाल, अंकुर कोठारी, अंकित निमजा, हितेश वोरा, पीयूष दख, अर्पित बाफना, हेमंत दख, मितेश ललवानी एवं मयूर गांधी सहित अनेक गणमान्यजन सक्रिय रूप से मौजूद रहे।

इस अवसर पर नेत्रम संस्था एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा दोनों परोपकारी परिवारों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके मानवीय एवं अनुकरणीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया साथ ही देहदान एवं नेत्रदान की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने हेतु जनजागरूकता अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प भी दोहराया गया!