Kissa-A-IAS: IAS Satyam Gandhi: छोटे से गांव के युवक की बड़ी उपलब्धि, पहले प्रयास में दसवीं रैंक 

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Kissa-A-IAS: IAS Satyam Gandhi: छोटे से गांव के युवक की बड़ी उपलब्धि, पहले प्रयास में दसवीं रैंक 

बिहार के सत्यम गांधी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2020 को ऑल इंडिया रैंक (AIR) 10 के साथ पास करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. आज, वे प्रशासन के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय नाम हैं और लाखों उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा हैं.

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अपनी कड़ी मेहनत और लगन से 22 वर्ष की आयु में सत्यम गांधी ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर ली.

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बिहार के समस्तीपुर के मूल निवासी सत्यम गांधी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से पूरी की और दिल्ली यूनिवर्सिटी के दयाल सिंह कॉलेज से बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की. ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में ही उन्होंने यूपीएससी सीएसई में सफलता पाने का टारगेट तय कर लिया था. गांधी यूपीएससी की तैयारी के लिए राष्ट्रीय राजधानी के एजुकेशन सेंटर दिल्ली के राजेंद्र नगर चले गए.

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*तैयारी की स्ट्रेटजी*

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने हर रोज 8-9 घंटे पढ़ाई की. इसके अलावा, उन्होंने पढ़ाई पर फोकस करने के लिए पारिवारिक समारोहों में जाने से भी परहेज करना शुरू कर दिया. गांधी ने जब भी जरूरत पड़ी, ऑनलाइन संसाधनों का भी इस्तेमाल किया. उन्होंने अपनी तैयारी का इवेल्यूएशन करने के लिए मॉक टेस्ट का भी सहारा लिया. अपनी इस स्ट्रेटजी के साथ सत्यम गांधी ने 2020 में सिविल सेवा परीक्षा में अपने पहले अटैंप्ट में सफल होकर ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की.

बिहार के समस्तीपुर जिले के दिघरा में जन्मे और पले-बढ़े सत्यम ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। वे कहते हैं, “दिल्ली में रहने से मेरे व्यक्तित्व को काफी हद तक आकार मिला।” सत्यम खुद को एक मेहनती छात्र बताते हैं, जो ऐसे माहौल में पले-बढ़े जहां छात्रों को यूपीएससी सीएसई की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। वे आगे कहते हैं, “ऐसा लगता है मानो बिहार के हर छात्र के डीएनए में यूपीएससी का कुछ अंश समाया हुआ है।”

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कॉलेज के तीसरे वर्ष में सत्यम ने सीएसई की तैयारी शुरू कर दी। “कॉलेज के पहले वर्ष में, मैंने इंटर्नशिप की, जहाँ मुझे रांची में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ब्लॉक अधिकारी के साथ काम करने का अवसर मिला। मैंने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि मैं कितना बड़ा बदलाव ला सकता हूँ और उस अनुभव ने यूपीएससी की तैयारी करने की मेरी इच्छा को और भी मजबूत कर दिया।”

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अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए सत्यम कहते हैं कि महामारी ने एक अनोखी चुनौती पेश की, लेकिन इससे उनके कार्यक्रम में कोई बाधा नहीं आई। वे कहते हैं, “दूसरी लहर के दौरान, मैं भी कोविड-19 से संक्रमित पाया गया था, लेकिन मैंने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए काम किया।” वे आगे कहते हैं, “मैं यही सोचता रहा कि मैं मैराथन दौड़ रहा हूं, न कि टी-20 मैच खेल रहा हूं।”

मसूरी में 1 साल के प्रशिक्षण के बाद उन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ। वे 2021 बैच के आईएएस अधिकारी बने।

वे वर्तमान में सांगली-मिराज-कुपवाड नगर निगम, महाराष्ट्र के नगर आयुक्त के रूप में तैनात किया गया है। इससे पहले, उन्होंने आईटीडीपी, दहानू के परियोजना अधिकारी और पालघर में सहायक कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।