
FIR Registered Against 5 Siblings for Land Deal Fraud : जमीन सौदे में 90 लाख हड़पें, करोड़पति आरोपी अख्तर अली समेत 4 भाई-बहनों पर FIR.
जानिए क्या हैं पूरा मामला?
Ratlam : बेटे की नवम्बर 2022 में महंगी शादी करने के बाद जून 2024 में फिर एक बड़ा धमाका करते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा जिले भुखिया व जगपुरा में सोने की खदान खनन करने का लायसेंस लिया था यह खदान अख्तर अली ने अपने बेटे ओवैस अली की फर्म सैयद ओवैस अली के नाम लिया था इन दोनों स्वर्ण खदानों भू-वैज्ञानिकों ने 940.26 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 113.52 मिलीयन टन स्वर्ण अयस्क का आंकलन किया था और सोने की मात्रा 222.39 टन आंकी गई थी और इसके बाद यह प्रक्रिया कैंसिल हो गई थी एक और बेटे की मंहगी शादी जिसमें प्रदेश सहित देशभर के बड़े बड़े लोगों सहित मुंबई से सिने स्टार भी सम्मिलित हुए थे।
दुसरी और करोड़ों रुपए लगाकर सोने की खदान का लायसेंस लेना जिसका बदनसीबी से लायसेंस निरस्त हो जाना बस इसके बाद अख्तर अली की जिंदगी में ग्रहण सा लग गया और अब अख्तर की जिंदगी में एक नया मोड़ आ गया जिसमें उसे और उसके परिवार के सदस्यों को भूमिगत होना पड़ गया। सैयद अख्तर अली और उसके 2 भाई और 2 बहनों के खिलाफ मोटरसाइकिल शोरूम के संचालक ने धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कराया है जो अख्तर और उसके भाई-बहनों द्वारा जमीन बेचने के नाम पर 90 लाख रुपए एडवांस लेने और 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराने FIR दर्ज कराई गई हैं।
शहर के स्टेशन रोड थाने पर मोटरसाइकिल शोरूम संचालक विजय (64) पिता मांगीलाल कटारिया निवासी पैलेस रोड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें बताया गया कि ओल्ड़ बायपास के पास वाहिद नगर सैयद अख्तर अली के बंगले के पीछे सर्वे नम्बर 221/1 की 2.350 हेक्टेयर व सर्वे नम्बर 221/2 की 2.350 हेक्टेयर भूमि कुल 4.700 हेक्टेयर भूमि खरिदने का सौदा किया गया था। यह सौदा अख्तर अली पिता वाहिद अली, उनके भाई सैय्यद अफसर अली व सैयद मोहब्बत अली, बहन अल्ताफ बी और फिरोजा बी से किया गया था। जिसका अनुबंध 9 मार्च 2021 को किया गया था और जमीन की कुल कीमत 2 करोड़ 70 लाख रुपए में से 90 लाख रुपए अग्रिम बयाना के रूप में एडवांस दिए गए थे। यह अनुबंध सुरेश, विनोद कटारिया के नाम पर हुआ था।
इस अनुबंध में अख्तर अली समेत जमीन के पांचों ने बताया था कि इस जमीन पर ऋण ले रखा है। और ऋण उतारने के बाद 2 साल की अवधि में रजिस्ट्री करवा देंगे इसके बाद समय पूरा होने के बाद अनुबंध करते हुए 1 वर्ष की अवधि और बढ़ाई गई। इसका समय भी पूरा होने के बाद सैय्यद परिवार रजिस्ट्री कराने में आनाकानी करने लगे और समय बढ़ाने की मांग करने लगे। इसके बाद कटारिया परिवार को आशंका होने पर रजिस्ट्रार कार्यालय में पता किया तो यह बात सामने आई कि यह जमीन पांचों ने आपस में मिलकर दानपत्र के जरिए अख्तर अली के बेटे मुर्तजा अली के नाम कर दी है। स्टेशन रोड़ थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह जादौन के मुताबिक इस मामले में हुए अनुबंध की जांच की जा रही हैं यदि दस्तावेज फर्जी निकलते हैं तो धाराएं और बढ़ाई जा सकती हैं।





