
Big Decision of High Court: कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत विधायक घोषित,सुप्रीम कोर्ट में चुनौती की तैयारी!
ग्वालियर। मध्यप्रदेश की विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से जुड़े विवादित मामले में सोमवार को ग्वालियर हाईकोर्ट ने अहम निर्णय सुनाया। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित करते हुए भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को विजयी घोषित कर दिया। यह फैसला जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई के बाद दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन के दौरान फॉर्म-26 में दाखिल शपथपत्र में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने शपथपत्र में यह घोषणा की थी कि उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हुए हैं। अदालत ने इसे मतदाताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना माना और इसी आधार पर उनके निर्वाचन को निरस्त कर दिया।दरअसल, वर्ष 2024 में हुए विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की ओर से रामनिवास रावत और कांग्रेस की ओर से मुकेश मल्होत्रा मैदान में थे। चुनाव परिणाम घोषित होने पर मुकेश मल्होत्रा को विजयी घोषित किया गया था। इसके बाद हारने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने ग्वालियर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि मल्होत्रा ने अपने आपराधिक मामलों की जानकारी हलफनामे में छिपाई है.
हाई कोर्ट के इस निर्णय को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक साल पहले विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। मुकेश मल्होत्रा को भारी वोटों से जिताया। फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा।
अगर चुनाव भी हुआ तो जितने वोटों से रामनिवास रावत को हराया था। उससे दोगुना वोटों से फिर हराएंगे। विजयपुर की जनता रावत को और बीजेपी को हराने के लिए फिर तैयार बैठी है।
कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा, हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। हमने कोर्ट से रिक्वेस्ट की है कि सिर्फ इसलिए कि कुछ जानकारी गलत दी गई थी, इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव में धांधली हुई थी। हमें भरोसा है कि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी।





