Bhopal News: चेतक ब्रिज नाला, एसी कमरों में बैठकें करते रहे इंजीनियर, स्पॉट पर कोई नहीं पहुंचा, PWD और निगम में ठनी

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Bhopal News: चेतक ब्रिज नाला, एसी कमरों में बैठकें करते रहे इंजीनियर, स्पॉट पर कोई नहीं पहुंचा, PWD और निगम में ठनी

भोपाल। राजधानी में ज्योति टॉकीज चौराहे के पास सड़क मरम्मत के मामले में अब पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के इंजीनियरों के बीच ठन गयी है। निगम का कहना है कि बिना सुपरवीजन के काम करने का नतीजा यही होता है। ठेकेदार ने कोई प्लानिंग निगम के सीवेज प्रकोष्ठ को नहीं दी जबकि नाले और सड़क के निर्माण को लेकर यह जरूरी है।
दूसरी तरफ कल सारे दिन पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर एसी कमरों में बैठकें करते रहे फील्ड में कोई बड़ा अफसर नहीं पहुंचा। इससे पहले पीडब्ल्यूडी और नगर निगम में यह एमओयू हुआ था कि कोई भी निर्माण करने से पहले विभाग निगम के अफसरों की सहमति लेकर ही आगे काम करेगा। इस केस में ऐसा नहीं हुआ।

मामला क्या है

ज्योति टाकीज की धंसी सड़क के निर्माण के दौरान ठेकेदार ने नाले का पानी बंद कर दिया था। इस दौरान गलती से सीवेज लाइन टूट गई, जिससे ज्योति कॉम्प्लेक्स की दुकानों में सीवेज का पानी भर गया। इससे सीवेज के पानी कुछ ही मिनटों में बेसमेंट और दुकानों में ज्योति कॉम्प्लेक्स में करीब 150 दुकानें हैं। इनमें कई मोबाइल शॉप व अन्य दुकानें बेसमेंट में हैं। बदबू और पानी की तेजी के कारण दुकानदारों को अंदर खड़ा रहना मुश्किल हो गया था।

अब क्या स्थिति है

दिन भर की अफरातफरी के बाद कल शाम को वहां पर निगम की टीम ने पहुंच कर सीवेज लाइन को दुरूस्त कर नाले के फ्लो को दोबारा चालू करवाया गया था। इस संबंध में संजय मस्के का कहना है कि विभाग नाले की दीवार और सड़क की मरम्मत का काम दो दिन से चल रहा था। वहां पर मजदूरों की लापरवाही से सीवेज लाइन टूटी थी। ठेकेदार को चेतावनी दी गयी है। दूसरी तरफ नगर निगम के ईई आरके त्रिवेदी का कहना हैकि बिना निगम को जानकारी दिये लापरवाही से काम करने का यह नतीजा है। कल लाइन को चालू कर दिया गया है। नाले का निर्माण पानी को रोक कर नहीं बल्कि उसके फ्लो को बनाये रखते हुए किया जाता है।