
महिलाओं के लिए मासिक धर्म अवकाश की मांग वाली याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार- कहा – ‘सरकार के पास जाइए…’
नई दिल्ली. ‘सरकार के पास जाइए…’ पूरे देश में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए मासिक धर्म अवकाश की मांग वाली याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार कर दिया है.
सीजेआई सूर्यकांत की पीठ के सामने ये मामला उठाया गया था. ये याचिका शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने दायर की थी. मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- इस तरह की याचिकाए कभी-कभी महिलाओं को कमजोर या कमतर दिखाने का माहौल बना देती हैं. ऐसी याचिकाएं यह डर पैदा करती हैं कि मासिक धर्म महिलाओं के साथ कुछ बुरा होने जैसा है. इससे उन्हें ही नुकसान होगा.
*महिलाओं को जिम्मेदार पद देने से हिचकेंगे…*
सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका की सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि यदि ऐसी व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई तो नियोक्ता महिलाओं को जिम्मेदार पद देने से हिचक सकते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि न्यायिक सेवाओं में भी महिलाओं को सामान्य ट्रायल जैसे महत्वपूर्ण काम सौंपने से बचा जा सकता है, जिससे उनके करियर पर असर पड़ सकता है.





