
रामराजा माफ नहीं करेंगे…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
ओरछा में रामराजा लोक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने 332 करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया था। एक निजी अखबार ने रामराजा लोक के काम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। देखा जाए तो कथित तौर पर 52 रुपये प्रति वर्ग फीट कीमत के सेंडस्टोन को 335 रूपए प्रति वर्ग फीट में खरीद कर भ्रष्टाचार का एक नया लोक निर्मित किया जाता है। मामले की तह तक जाकर यह बात सामने आई है कि अफसरों ने मिलकर एक नया एसओआर ही तैयार कर लिया। और अभी तक लगाए गए जिस सैंडस्टोन की कीमत दो करोड़ रुपए आंकी जा रही है, उसकी जगह यहां पर दस करोड़ कीमत का सेंडस्टोन बिल तैयार है। पूरे मामले में पाँच गुना ज्यादा राशि का गड़बड़झाला सामने आ रहा है। मामले के और ज्यादा तह तक जाने पर यह भी सामने आ रहा है कि जहाँ से सैंडस्टोन बुलाया गया है, वह भी वन भूमि में अवैध खनन कर पत्थर निकालने का काम कर रहा है। कुल मिलाकर यही सामने आ रहा है कि जैसे पूरे कुएं में ही भांग घुली हो।
निश्चित तौर पर मोहन सरकार इस पूरे मामले पर संज्ञान लेगी, ऐसा माना जा सकता है। मामला बहुत गंभीर है। देखा जाए तो राम के नाम में ही भाजपा की सबसे ज्यादा आस्था है। राम के नाम पर ही भाजपा ने दो सांसदों से लेकर केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण बड़ा काम भी भाजपा सरकार के करकमलों से संपन्न हुआ है। राम,कृष्ण, हिन्दुत्व और सनातन मानो भाजपा के मन में ही समाए हुए हैं। और केन्द्र हो या राज्य सभी जगह भाजपा की सरकारें बनने के पीछे आम व्यक्ति कि यही दृष्टि है कि यह सरकारें देश की संस्कृति के साथ विकास का नया अध्याय रचकर राष्ट्र को नए युग में ले जाने का काम करेंगी। लेकिन जब राम के काम में ही भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, तब इन सरकारों की जिम्मेदारी भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। विकास का नया अध्याय रचने का दावा करने वाली भाजपा सरकारों का यह प्रथम लक्ष्य होगा कि राम के नाम जीवन कुछ न कुछ तो काम आ जाए। और ऐसे में यदि रामराजा लोक में ही कथित तौर पर भ्रष्टाचार की नई कहानियाँ रची जा रही हों, तब इतनी तो उम्मीद प्रदेश का हर राम भक्त करेगा ही कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। क्योंकि
सरकार बनाने और कमल खिलाने में अपना अमूल्य मतदान करने वाले जनता जनार्दन के मन में रामराजा लोक में कथित भ्रष्टाचार की खबरों ने
आक्रोश और निराशा का भाव तो भरा ही है। और यदि यह बात सच है, तो सरकार सभी तरह की जाँच कराकर
ही सही, कम से कम दोषियों को सजा दिलाकर जनता जनार्दन की
उम्मीदों पर खरा उतरने का काम अवश्य करेगी। और सरकार, एक बार, भले ही रामराजा लोक के काम में लापरवाही करने वालों को माफ़ कर भी दें, तब भी रामराजा ऐसे लोगों को कतई माफ नहीं करेंगे।
ओरछा में भगवान राम राजा के मंदिर को लेकर यह कहा जाता है कि राजा के रूप में वह दिनभर ओरछा में ही रहते हैं। और रात्रि में शयन के लिए अयोध्या प्रस्थान करते हैं। यह भारत का एकमात्र मंदिर है जहां भगवान राम की पूजा एक राजा के रूप में की जाती है और वह भी एक महल में। हर दिन गार्ड ऑफ ऑनर आयोजित किया जाता है, राजा की तरह पुलिसकर्मियों को मंदिर में गार्ड के रूप में नियुक्त किया जाता है। मंदिर में भगवान को दिया जाने वाला भोजन और अन्य सुविधाएं शाही भोजन हैं। प्रतिदिन भगवान राम को सशस्त्र सलामी दी जाती है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि भगवान राम अपने दाहिने हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में ढाल रखते हैं। श्री राम पद्मासन में बैठे हैं, उनका बायां पैर उनकी दाहिनी जांघ के ऊपर है। राजा का एक महत्वपूर्ण कार्य न्याय प्रदान करना भी होता है। ऐसे में सरकार की नजरों से कोई बच भी जाए, तब भी राम की निगाहों से कोई नहीं बच सकता है। तो उम्मीद यही है कि यदि रामराजा लोक में कुछ भी गलत हो रहा है, तो गलत काम करने वालों के खिलाफ मोहन सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी ताकि कड़ा संदेश पूरे मध्य प्रदेश
तक पहुँच सके…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





