
बिना मैथ्स के इंजीनियरिंग के 49 ब्रांच में प्रवेश ले सकेंगे विद्यार्थी,18 ब्रांच के लिए मैथ्स जरूरी
भोपाल: तकनीकी शिक्षा विभाग ने आगामी सत्र 2026-27 में प्रवेश कराने के लिए नियमावाली तैयार करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत इस साल छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग के 49 ब्रांच में बिना मैथ्स के भी प्रवेश ले सकेंगे। समय की डिमांड और स्कोप को देखते हुए इंजीनियरिंग के ड्रोन टेक्नोलॉजी सहित कुछ नए कोर्स भी शुरू होंगे।
एआईसीटीई द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है। इसलिए वर्तमान सत्र में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश में किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो इसके लिए कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को कालेज में उपस्थित होकर 3डी में अपने फोटो क्लिक कराकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, तभी उनके प्रवेश मान्य होंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की पूर्व में जारी हुई अप्रूवल हैण्डबुक में आगामी सत्र 2026-27 में भी लागू रहेगी।
जेईई मेन 2026 के जनवरी सत्र का रिजल्ट जारी हो चुके हैं। जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए बार और विंडो खोल दी गई हैं।
फार्मेसी में आएंगे डेढ दर्जन कालेज
विभाग ने फार्मेसी कालेजों की आगामी सत्र 2026-27 की काउंसलिंग शुरु कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। आगामी सत्र में फार्मेसी 19 नये कालेज ही भागीदारी कर पाएंगे। इसमें भोपाल के दो कालेज शामिल किए गए हैं। विभाग ने नये फार्मेसी कालेजों की एनओसी जारी कर दी है। यह एनओएसी दो सूची में जारी की गई है। विभाग से एनओसी मिलने के बाद उक्त सभी कालेजों को फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया से मान्यता लेने आवेदन करना होगा। पीसीआई उक्त कालेजों को मान्यता मिलने के बाद राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्धता लेना होगी। संबद्धता देने के पहले आरजीपीवी कालेज का निरीक्षण कराएगा। रिपोर्ट में संबद्धता के मुताबिक शर्तें पूरी मिलती हैं, तो कालेज को आगामी सत्र 2026-27 में प्रवेश की अनुमति जारी कर दी जाएगी।
18 ब्रांच के लिए मैथ्स जरूरी
केमिकल इंजीनियरिंग, आटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग ,पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग (पीसीई) सहित अन्य 18 ब्रांच में प्रवेश के लिए मैथ जरूरी होगा।





