मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में किसान कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, ” ऊँट को जीरा खिलाकर ” सरकार की नीतियों पर किया तीखा प्रहार

रैली निकालकर राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

59

मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में किसान कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, ” ऊँट को जीरा खिलाकर ” सरकार की नीतियों पर किया तीखा प्रहार

मन्दसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर । मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के आह्वान पर जिले के मल्हारगढ़ ब्लॉक किसान कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गाडगिल चौराहे पर अनोखा एवं जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रेगिस्तान के जहाज़ ऊँट को जीरा खिलाकर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा गेहूं की MSP खरीदी पर दिया जा रहा बोनस “ऊँट के मुंह में जीरा” के समान है, जो किसानों के साथ अन्याय है। इस अनोखे प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को जगाने का प्रयास किया गया।

IMG 20260324 WA0121

प्रदर्शन के पश्चात किसान एवं कांग्रेसजन रैली के रूप में गाडगिल चौराहे से एसडीएम कार्यालय पहुंचे। रैली में ऊँट को भी साथ ले जाया गया, जो पूरे कार्यक्रम का आकर्षण रहा। एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम स्वाति तिवारी को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

IMG 20260324 WA0129 scaled

ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष बलवंत पाटीदार ने ज्ञापन का वाचन करते हुए बताया कि सहकारी समितियों में ऋण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि किसान गेहूं विक्रय के बाद बिना ब्याज ऋण जमा कर सकें। उन्होंने सोयाबीन ऑयल के टैक्स-फ्री आयात पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे देश के किसानों को नुकसान हो रहा है।

उन्होंने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने, गेहूं का समर्थन मूल्य 4000 रुपये प्रति क्विंटल करने तथा वर्ष 2019 की बाढ़ से वंचित किसानों को राहत प्रदान करने की भी मांग की।

प्रदेश सचिव मल्हारगढ़ विधानसभा से प्रत्याशी रहे परशुराम सिसोदिया ने संबोधन में कहा कि आज प्रदेश का किसान चारों तरफ से घिरा हुआ है—प्राकृतिक आपदाएं उसकी फसलें उजाड़ रही हैं और सरकार की नीतियां उसकी उम्मीदें तोड़ रही हैं। यह सरकार किसानों के दर्द के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। अगर अब भी सरकार नहीं चेती, तो किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होगा।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा ने कड़े शब्दों में कहा कि मल्हारगढ़ सहित अंचल में बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। कांग्रेस पार्टी लगातार नष्ट हुई फसलों के मुआवजे की मांग कर रही है।हमारे क्षेत्र के विधायक एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा स्वयं खेतों में पहुंचकर फसलों की बर्बादी देख चुके हैं और इसे स्वीकार भी कर चुके हैं। लेकिन जब विधानसभा सदन में किसानों के मुआवजे की बात उठी, तब उनके मुंह से किसानों के पक्ष में एक शब्द भी नहीं निकला। यह किसानों के साथ सीधा विश्वासघात है।

पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि मल्हारगढ़ क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत को कुछ ही मिनटों में तबाह कर दिया। खेतों में खड़ी पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है, यह हकीकत प्रशासन और जनप्रतिनिधि खुद स्वीकार कर चुके हैं। इसके बावजूद आज तक किसानों को मुआवजे के नाम पर एक पैसा नहीं मिलना सरकार की संवेदनहीनता और विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश पटेल ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द करे, किसान आज भयंकर संकट के दौर से गुजर रहा है। लेकिन प्रदेश में किसान विरोधी सरकार बैठी हुई है, जो सिर्फ किसानों को छलने का काम कर रही है।

पूर्व जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष लियाकत मेव ने कहा कि 2019 के मुआवजे में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि किसानों को उनका हक मिल सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

वरिष्ठ नेता अजित कुमठ ने कहा कि सरकार जमीनी सच्चाई से पूरी तरह दूर है और किसान लगातार संकट में जीवन जीने को विवश है

अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।

इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामचंद्र करूंन, जिला कांग्रेस सचिव किशन लाल चौहान,नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप यादव, कोहिनूर मेव, अल्पसंख्यक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाजी मजीद पठान, गणेशराम चौहान, सत्यनारायण पाटीदार, किशन लाल पाटीदार, हरिओम दास बैरागी, अनवर मंसूरी, पार्षद दिलीप तिवारी, जितेंद्र पाटीदार, विनोद तंवर, मांगीलाल यादव, भेरूलाल पप्पू गुर्जर, डॉ. शौकीन सोलंकी, सुनील भगत, मंडलम अध्यक्ष कैलाश बंगारिया, गोपाल भारती, स्वदेश पाटीदार, जीवन बैरागी, दीनदयाल पाटीदार, मोहनलाल वर्मा, देवेंद्र पाटीदार, गजराज सिंह शक्तावत, अनिल मुलासिया, राजू शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित रहे। जमकर सरकारी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया ।