सर्दी-खांसी के इलाज में मौत! सलाईन चढ़ाते ही किशोरी की मौत पर परिजनों का हंगामा, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश  

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सर्दी-खांसी के इलाज में मौत! सलाईन चढ़ाते ही किशोरी की मौत पर परिजनों का हंगामा, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

खरगोन : मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बिस्टान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सर्दी-खांसी और हल्के बुखार से पीड़ित 16 वर्षीय किशोरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना से चकित परिजनों ने निजी चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

बिस्टान के थाना प्रभारी गुलाब सिंह रावत ने बताया कि मृतका आयुषी, पिता गजराज पटेल, पिछले दो-तीन दिनों से बीमार थी। रविवार दोपहर परिजन उसे बिस्टान के एक निजी क्लिनिक लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज एक रिटायर्ड ड्रेसर प्रकाश चंद्र गुप्ता द्वारा किया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे सलाइन चढ़ाई और ड्रिप के माध्यम से इंजेक्शन दिया, जिसके कुछ ही देर बाद किशोरी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

बताया गया कि आयुषी को बेचैनी और उल्टी जैसा महसूस हुआ, जिसके बाद सलाइन हटा दी गई। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और क्लिनिक के बाहर ही वह बेहोश हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि बेहोशी की हालत में ही उसे एक और इंजेक्शन दिया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

स्थिति बिगड़ते देख चिकित्सक खुद ही कार से किशोरी को उसके परिजनों के साथ खरगोन के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने क्लिनिक पर जमकर हंगामा किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

बिस्टान थाना प्रभारी गुलाब रावत ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जिससे मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। उन्होंने बताया कि फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं प्राप्त हो सकी है।

वहीं, चिकित्सक का कहना है कि सलाइन चढ़ाने के बाद मरीज की हालत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद तुरंत उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।

उधर जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच टीम ने कथित चिकित्सक के क्लीनिक को सील कर दिया है । टीम शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अनियमित निजी प्रैक्टिस पर सवाल खड़े कर रही है। गौरतलब है कि ड्रेसर गुप्ता 2020 में रिटायर हो चुका है।