
मुख्यमंत्री ने सराहा बड़वानी पुलिस का नवाचार, खेल महोत्सव और जनसंवाद से बढ़ेगा जनविश्वास
बड़वानी : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिला पुलिस द्वारा शुरू की गई “पुलिस खेल उत्सव” एवं “आपकी बात – पुलिस के साथ” जैसी अभिनव पहलों की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास पुलिस और आमजन के बीच संवाद को बढ़ाते हैं और आपसी विश्वास को नई मजबूती प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश सरकार का निरंतर प्रयास है कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो। बड़वानी पुलिस की यह पहल इसी दिशा में एक प्रभावी उदाहरण है, जो न केवल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगी।

बड़वानी पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल ने पत्रकारों को बताया कि शुरू किए गए “पुलिस खेल उत्सव” के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के चयनित गांवों में कबड्डी, वॉलीबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस आयोजन के माध्यम से लगभग 900 युवाओं को टीमों के जरिए जोड़ा जाएगा। थाना प्रभारी इन गतिविधियों की निगरानी करेंगे और खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे और आपराधिक गतिविधियों से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना है। खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और जिम्मेदारी का विकास होगा, साथ ही पुलिस और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे सूचना तंत्र मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
इसी क्रम में “आपकी बात – पुलिस के साथ” अभियान के तहत 5 अप्रैल 2026 को पाटी क्षेत्र के ग्राम सागबारा (चेर्वी) में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्राम एवं नगर रक्षा समिति सम्मेलन के रूप में होगा, जिसमें “आध्यात्मिक व सामाजिक पुनरुत्थान” विषय पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. प्रभु नारायण मिश्रा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि बड़वानी पुलिस की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा, सामाजिक समरसता और आपसी विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।





