
नेचरल लिविंग इंडस्ट्रीज के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: गोदाम में भरी दुर्लभ पेड़ों की छाल और बीज सील
गणेश पांडे की रिपोर्ट
भोपाल। कभी उज्जैन के वन मेले में वन संरक्षण और हर्बल उत्पादों का प्रदर्शन करने वाली पीथमपुर स्थित नेचरल लिविंग इंडस्ट्रीज की सागर कुटी यूनिट अब खुद वन विभाग की बड़ी कार्रवाई के घेरे में आ गई है। वन विभाग की टीम ने हाल ही में फैक्ट्री पर दबिश देकर गोदाम में भरी दुर्लभ पेड़ों की छाल और बीज को सील किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 मई को सूचना प्राप्त होने पर डीएफओ धार विजयानंथम टीआर. के निर्देशन में और वन परिक्षेत्र अधिकारी मांडू सचिन सयदे के मार्गदर्शन में वन स्टाफ नेचुरल लिविंग प्राइवेट कम्पनी, सागोर कुटी पहुंचा। कम्पनी के गोदामों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोदाम क्रमांक 1 एच 2 में विभिन्न प्रजाति की उपल, बीज का संग्रहण पाया गया। संग्रहण के संबंध में कम्पनी के प्रबंधक कर्मचारी से अभिलेख मांगे। कम्पनी के प्रबंधक कर्मचारी द्वारा कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किये। वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी मांडू द्वारा प्रकरण क्रमांक 255/19 के तहत जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा 7 के तहत कायम किया। गोदाम में रखी छाल एवं बीज को सील किया गया। छाल एवं बीज की जांच जारी है।

कार्रवाई के बाद अवैध वन उपज कारोबार, अधिकारियों की भूमिका और कथित संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अब इस पूरे मामले में अंतरराज्यीय वन माफिया नेटवर्क के खुलासे की संभावना है।
*शिकायतें पुरानी, विजयानंथम ने लिया संज्ञान?*
जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2025 में भी इस यूनिट को लेकर डीएफओ स्तर पर शिकायत की गई थी। इसके बावजूद लंबे समय तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। भोपाल तक शिकायत पहुंचने के बाद भी फैक्ट्री की कोई जांच नहीं की गई। मौजूदा डीएफओ विजयानंथम टीआर के संज्ञान में मामला आने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
*इंडस्ट्रीज एमडी को पत्र लिखकर फैक्ट्रीयों की मांगी जानकारी*
धार डीएफओ विजयानंथम टीआर ने बताया कि लोकल मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई। विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। इंडस्ट्री के प्रबंध संचालक को पत्र लिखकर ऐसे उद्योगों की जानकारी देने और जैव विविधता एक्ट के तहत पंजीयन कराने के कहा है।





