
फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़: पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अनेक शहरों में फर्जी मैरिज ब्यूरो चलकर युवाओं से ठगी का कारोबार किया जा रहा है। पिछले दिनों राजनांदगांव में ऐसे ही मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ पुलिस ने किया था। इसी कड़ी में बिलासपुर में पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी मैट्रिमोनियल एजेंट बनकर ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठ रहा था।पुलिस ने सरकंडा थाना क्षेत्र में संचालित एक कॉल सेंटर पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान सामने आया। जांच में पता चला कि कई बैंक खातों का उपयोग उनके असली खाताधारकों द्वारा नहीं, बल्कि अन्य लोगों द्वारा किया जा रहा था। इन खातों में “मैरिज ब्यूरो” के नाम पर रकम जमा हो रही थी, जिससे ठगी की आशंका गहराई। कड़ी में बिहार निवासी एक युवक ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। युवक ने बताया कि उसे शादी के लिए लड़की का प्रोफाइल दिखाने का झांसा देकर 10 हजार रुपए जमा कराए गए, लेकिन पैसे लेने के बाद उसे कोई जानकारी नहीं दी गई। इस शिकायत के आधार पर म्यूल खातों की जांच शुरू हुई, जो आगे चलकर पूरे गिरोह तक पहुंची।
पुलिस ने देवनंदन नगर, सरकंडा स्थित “विवाह गाइड” नामक मैट्रिमोनियल ऑफिस पर छापा मारा, जहां संचालक महारथी साहू, सहयोगी फुलेश्वर श्रीवास, मैनेजर तरुणा खरे और संचालिका नीरा बाथम मौजूद मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बेरोजगार युवतियों को नौकरी का झांसा देकर उन्हें “फर्जी दुल्हन” बनाकर ग्राहकों से फोन पर बात कराई जाती थी्र कार्रवाई के दौरान 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपएनकद बरामद किए गए। में सामने आया कि गिरोह कॉल सेंटर बनाकर शादी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी पहले ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें विवाह के लिए उपयुक्त प्रोफाइल उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन या प्रोफाइल दिखाने के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी।ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए गिरोह के सदस्य फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे और फोन पर बातचीत कराकर भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश करते थे। जब पीड़ित पूरी तरह भरोसा कर लेता, तब उससे पैसे वसूल लिए जाते और बाद में संपर्क तोड़ दिया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इन फर्जी खातों के जरिए लाखों रुपए का लेन-देन किया गया था। इस मामले में पुलिस ने चांटीडीह निवासी फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40), नवागढ़ सैदा (जांजगीर-चांपा) निवासी महारथी साहु (31), चांटीडीह निवासी तरुणा उर्फ सोनू खरे (40) और खमतराई अशोक नगर निवासी नीरा बाथम (32) को गिरफ्तार किया हैपुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो या एजेंटों के झांसे में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।





