सोना फिर बनेगा ‘सुरक्षित सहारा’! कीमतों में आने वाली है नई उछाल— IGES CEO 

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सोना फिर बनेगा ‘सुरक्षित सहारा’! कीमतों में आने वाली है नई उछाल— IGES CEO 

वैश्विक अस्थिरता और युद्ध जैसे हालातों के बीच सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आने वाले समय में सोने के भावों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

जब भी विश्व में आपात स्थिति या युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो उससे पहले सोने के भावों में तेजी देखने को मिलती है। हाल ही में सोने की नई ऊंची कीमतें भी दर्ज की गई हैं। दरअसल, सोना सबसे मजबूत निवेश माना जाता है और भारत में इसका पारंपरिक महत्व भी बेहद खास है।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ गोल्ड एक्सीलेंस एंड स्टैंडर्ड्स (IGES) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कौशलेन्द्र सिन्हा ने इंदौर प्रवास के दौरान कहा कि अभी भले ही सोने के भावों में गिरावट आई हो, लेकिन आने वाले समय में इसमें फिर तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी जब सोने की कीमत 1 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंची थी, तब कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन उसके बाद फिर तेजी दर्ज की गई।

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय परिवारों में सोना खरीदना सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। खासतौर पर शादियों में सोने का उपहार सबसे बेहतर माना जाता है। हालांकि, देश में सोने का कारोबार अभी भी काफी बिखरा हुआ है, जिससे कई बार ग्राहकों को शुद्धता को लेकर संदेह बना रहता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए छोटे व्यापारियों को भी संस्थान की मान्यता प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि जलगांव, रतलाम या किसी विशेष शहर का सोना ज्यादा अच्छा होता है, लेकिन ग्राहकों को कभी भी सोने की गुणवत्ता का आकलन उसके रंग से नहीं करना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि ग्राहक जब भी सोना खरीदें, तो आभूषण बनाने के चार्ज को बिल में अलग से दर्ज करवाएं, क्योंकि कई बार दुकानदार इसे कुल कीमत में जोड़कर बतातेहैं।