“वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का नन्हा गौरव: रस्टी-स्पॉटेड कैट और इसके संरक्षण की वैश्विक कार्ययोजना”

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“वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का नन्हा गौरव: रस्टी-स्पॉटेड कैट और इसके संरक्षण की वैश्विक कार्ययोजना”

डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानन्द व्यास

निश्चित रूप से, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में ‘रस्टी-स्पॉटेड कैट’ (Rusty-spotted Cat) की यह उपस्थिति न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि वैश्विक जैव विविधता के लिए एक स्वर्णिम अध्याय है। एक वैश्विक वैज्ञानिक के दृष्टिकोण से इस अत्यंत दुर्लभ जीव का विस्तृत विवरण और संरक्षण आलेख यहाँ प्रस्तुत है:

रस्टी-स्पॉटेड कैट: प्रकृति की सूक्ष्म एवं अनुपम कृति

1. वैज्ञानिक वर्गीकरण (Taxonomic Classification)

प्राणी जगत के स्तनधारी समूह में इसका स्थान अत्यंत विशिष्ट है:

जगत: Animalia (प्राणी)

संघ: Chordata (कशेरुकी)

वर्ग: Mammalia (स्तनधारी)

गण: Carnivora (मांसाहारी)

कुल: Felidae (बिल्ली कुल)

वंश: Prionailurus

जाति: P. rubiginosus

वैज्ञानिक नाम: Prionailurus rubiginosus

2. बाह्य आकारिकी एवं सामान्य विवरण (Morphology & General Description)

इसे विश्व की सबसे छोटी जंगली बिल्ली होने का गौरव प्राप्त है। इसकी सुंदरता और सूक्ष्मता के कारण इसे ‘बिल्लियों का हमिंगबर्ड’ भी कहा जाता है।

आकार: इसकी लंबाई मात्र 35 से 48 सेमी (सिर से शरीर) होती है। पूंछ की लंबाई लगभग 15 से 30 सेमी तक होती है।

भार: एक वयस्क का वजन मात्र 0.9 से 1.6 किलोग्राम के बीच होता है।

*रंग-रूप:*

इसका फर छोटा और भूरे-लाल रंग का होता है, जिस पर जंग के रंग (Rusty) के धब्बे बने होते हैं। सिर पर छह काली धारियां होती हैं जो आंखों के ऊपर से गर्दन तक जाती हैं।

दृष्टि: इनकी रात में देखने की क्षमता (Night Vision) मनुष्यों की तुलना में छह गुना अधिक तीव्र होती है।

*3. स्वभाव एवं आवास (Habits & Habitat)*

यह जीव अत्यंत शर्मीला और रात्रिचर (Nocturnal) है, जिसके कारण इसे देखना अत्यंत कठिन होता है।

*आवास:*

यह मुख्य रूप से सूखे पर्णपाती वनों, झाड़ियों और पथरीले क्षेत्रों में रहना पसंद करती है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का भू-भाग इसके लिए सर्वथा उपयुक्त है।

*आहार:*

यह मुख्य रूप से छोटे कृंतकों (Rodents), पक्षियों, छिपकलियों और कीट-पतंगों का शिकार करती है। इसकी चपलता इसे पेड़ों पर चढ़ने और ऊंचे स्थानों से शिकार करने में सक्षम बनाती है।

*4. प्रजनन व्यवहार एवं जीवविज्ञान (Breeding Behaviour & Biology)*

गर्भाशय काल: लगभग 65 से 70 दिन।

शावक (Young Cubs): एक बार में सामान्यतः 1 से 3 शावक जन्म लेते हैं। जन्म के समय इनका वजन मात्र 40-50 ग्राम होता है। शावकों के शरीर पर धब्बे वयस्कों की तुलना में अधिक गहरे होते हैं।

*जीवनकाल:*

प्राकृतिक आवास में यह लगभग 10-12 वर्ष तक जीवित रह सकती है।

*5. आयु का अनुमान (Tentative Age of the Found Cat)*

कैमरा ट्रैप में कैद हुई बिल्ली की शारीरिक संरचना और गतिविधियों को देखते हुए, वन्यजीव स्पेशलिस्ट के रूप में अनुमान है कि यह एक पूर्ण वयस्क (Adult) बिल्ली है, जिसकी आयु संभवतः 3 से 5 वर्ष के मध्य हो सकती है।

*6. संरक्षण स्थिति (Conservation Status: IUCN)*

यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि रस्टी-स्पॉटेड कैट ‘विलुप्त’ (Extinct) नहीं है, किंतु इसे IUCN Red List में ‘Near Threatened’ (संकट के निकट) श्रेणी में रखा गया है। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत इसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

7. डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानंद व्यास की संस्तुतियां (Recommendations to Govt.Of India and State Govt)*

एक वैश्विक जीवन वैज्ञानिक और IUCN SSC क विशेषज्ञ के रूप में, भारत सरकार और मध्य प्रदेश राज्य सरकार को निम्नलिखित रणनीतिक कदम उठाने चाहिए:

I. पार्क प्रबंधन हेतु रणनीतियाँ:

सूक्ष्म आवास का संरक्षण: रिजर्व के भीतर उन विशिष्ट ‘माइक्रो-हैबिटेट्स’ (जैसे खोखले पेड़, पुरानी चट्टानें) को चिन्हित कर सुरक्षित किया जाए जहाँ यह बिल्ली प्रजनन करती है।

आहार श्रृंखला सुदृढ़ीकरण: घास के मैदानों का विकास किया जाए ताकि छोटे जीवों (कृंतक एवं पक्षी) की संख्या बढ़े, जो इनका प्राथमिक भोजन हैं।

रात्रि गश्त और निगरानी: इनके क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाई जाए ताकि इनके मूवमेंट कॉरिडोर को समझा जा सके।

*II. माता-पिता और कुनबे की खोज:*

जेनेटिक मैपिंग: विष्ठा (Scat) के नमूनों का डीएनए विश्लेषण कर क्षेत्र में इनके जेनेटिक विविधता और पारिवारिक संबंधों का पता लगाया जाए।

 

*विस्तारित कैमरा ट्रैपिंग:*

 

डोंगरांव रेंज के आसपास के 20 वर्ग किमी क्षेत्र में ग्रिड-आधारित निगरानी की जाए ताकि इनके ‘होमरेंज’ और परिवार का पता चल सके।

 

*III. सामुदायिक सहभागिता:*

 

स्थानीय समुदायों को इस ‘पॉकेट टाइगर’ के महत्व के बारे में शिक्षित किया जाए ताकि वे अनजाने में इन्हें कोई हानि न पहुँचाएँ।

 

*8. संदर्भ एवं प्रामाणिक स्रोत (Google Links & Books)*

 

अध्ययन और गहन शोध के लिए निम्नलिखित स्रोत अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

IUCN SSC Cat Specialist Group: Rusty-spotted Cat Profile

WWF-India Reports: Conservation of Lesser Cats in India

पुस्तिका: “The Mammals of India” by Vivek Menon.

शोध पत्र: “Status and distribution of Rusty-spotted Cat in Central India” (Journal of Threatened Taxa).

काल्पनिक दृश्य:

नर, मादा और शावकों की कल्पित प्रस्तुति

दृश्य की कल्पना करें: चाँदनी रात में वीरांगना दुर्गावती रिजर्व के एक महुआ के पेड़ के नीचे, एक नर रस्टी-स्पॉटेड कैट सतर्क खड़ा है, जबकि पास की झाड़ियों में मादा अपने दो छोटे धब्बेदार शावकों

को शिकार के गुर सिखा रही है। यह दृश्य भारत के संरक्षण प्रयासों की सफलता का जीवंत प्रमाण है।