साड़ी घोटाला: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी गई घटिया साड़ियों को वापस मंगाने के आदेश 

विभाग ने सभी जिलों को लिखा पत्र

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साड़ी घोटाला: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी गई घटिया साड़ियों को वापस मंगाने के आदेश 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, और सहायिकाओं को घटिया साड़ी वितरित किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच प्रतिवेदन के बाद महिला एवं बाल विकास संचालक ने सभी जिलों को पत्र लिखकर खराब साड़ियों को वापस मंगाने के आदेश दिए हैं, ताकि गुणवत्तायुक्त साड़ी उपलब्ध कराई जा सके।

अधिकांश जिलों में बटी घटिया साड़ी

प्रदेश के सभी जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी (यूनिफार्म) नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। इस बार कुछ जिलों में घटिया साड़ी वितरण की बात सामने आई है। इस पूरे मामले पर संचानालय स्तर पर पड़ताल की गई, और कुछ जिलों गुणवत्ताहीन साड़ी वितरण होने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले की शिकायत अलग-अलग स्तरों पर हुई, और फिर विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गुणवत्ताहीन साड़ियों को वापस मंगवाने के आदेश दिए।

बताया जा रहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने सभी जिला परियोजना अधिकारियों को पत्र लिखकर खराब साडिय़ों को वापस मंगवाने और उनकी जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है।

बता दें कि आंगनबाड़ी सेवाओं के तहत यूनिफार्म वितरण का कार्य छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को सौंपा गया था। वर्ष 2025-26 में निर्धारित संख्या में साड़ियों का वितरण किया गया, लेकिन कई जिलों से शिकायतें मिलीं कि कुछ साड़ियों की लंबाई तय मापदंड से कम है, वहीं कुछ की बुनाई भी सही नहीं है।इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संचालनालय स्तर पर गठित समिति ने जांच की, जिसमें गुणवत्ता मानकों के विपरीत साड़ियों की पुष्टि हुई। इसके बाद खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि दोषपूर्ण साड़ियों को बदलकर मानक के अनुरूप नई साड़ी उपलब्ध कराई जाएं।

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जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में वितरित खराब साड़ियों को वापस एकत्र कर सुरक्षित रखें और उनकी संख्यात्मक जानकारी शीघ्र भेजें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन जिलों से समय-सीमा में जानकारी प्राप्त होगी, वहीं पर साड़ियों को बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निर्धारित समय में जानकारी नहीं देने वाले जिलों के बारे में यह माना जाएगा कि वहां कोई शिकायत भेजे ।