Humanity Lives On Beyond Death : शिवगढ़, रतलाम में 2 मृतकों के नेत्रदान से 4 जिंदगियों में जली उम्मीद की रोशनी!

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Humanity Lives On Beyond Death : शिवगढ़, रतलाम में 2 मृतकों के नेत्रदान से 4 जिंदगियों में जली उम्मीद की रोशनी!

Ratlam : जिले के ग्राम शिवगढ़ एवं रतलाम शहर में मानवता, संवेदनशीलता और समाजसेवा की एक अत्यंत प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां गहरे दुःख के क्षणों में भी परिजनों ने अपने प्रियजनों के नेत्रदान का निर्णय लेकर कई अंधेरी जिंदगियों में उजाला फैलाने का महान कार्य किया हैं। पहला नेत्रदान रतलाम से 19 किमी दूर स्थित ग्राम शिवगढ़ निवासी स्वर्गीय मोहनलाल परमार के असामयिक निधन के पश्चात संपन्न हुआ।

इस पुनीत कार्य के लिए दीपक तांतेड़, पी तांतेड़ एवं राजेश सोलंकी ने परिजनों को प्रेरित किया। उनके सुपुत्र दिनेश, राजेश व संतोष तथा सुपौत्र रवि (गोलू), महेंद्र व रितेश ने सहमति देकर यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धांजलि वहीं है, जो किसी और के जीवन में रोशनी बन सके। नेत्रम संस्था के सहयोग से डॉ. जीएल ददरवाल द्वारा यह नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

इसी तरह दूसरा नेत्रदान रतलाम शहर के शास्त्री नगर निवासी स्वर्गीय श्रीमती दमयंती मूले (धर्मपत्नी स्वर्गीय वसंतराव कोलंबेकर) के 85 वर्ष की आयु में स्वर्गवास होने पर संपन्न हुआ। इस महान कार्य के लिए सुनील जैन (एडवोकेट), डॉ. प्रतीक मालपानी, नंदकिशोर पाटीदार, मंजूला माहेश्वरी एवं गोविंद काकानी ने परिजनों को प्रेरित किया।

सुपुत्र संतोष कोलंबेकर, सुपुत्री प्रतीक्षा योगदंड, बहू रश्मि तथा पौत्र निर्विघ्न एवं सुपोती मनस्वी कोलंबेकर ने सहमति प्रदान कर यह सिद्ध कर दिया कि करुणा ही सच्ची मानवता है। यह नेत्रदान काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन एवं नेत्रम संस्था के सहयोग से बड़नगर की टीम द्वारा रतलाम में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

नेत्रम संस्था के सदस्य तथा भारतीय रेडक्रास सोसायटी के डॉयरेक्टर हेमंत मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जीएल ददरवाल को तुरंत सूचना दी गई। उनके मार्गदर्शन में टीम के परमानंद राठौड़ एवं मोहनलाल राठौड़ ने समय पर पहुंचकर पूर्ण सम्मान, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ नेत्र संरक्षण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस दौरान हेमंत मूणत, गोविंद काकानी, नवनीत मेहता, शलभ अग्रवाल, सुशील मीनू माथुर, उदित अग्रवाल एवं संजय मुसले मौजूद रहे।

अंत में बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास, नेत्रम संस्था एवं काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा परिजनों को प्रशस्तिपत्र भेंटकर उनकी उदारता, संवेदनशीलता और मानवता के प्रति समर्पण को सम्मानित किया गया!