नारी शक्ति में दुर्गावती, अहिल्या, विजयाराजे, सुषमा, सुमित्रा, उमा से प्रेरित मोहन…

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नारी शक्ति में दुर्गावती, अहिल्या, विजयाराजे, सुषमा, सुमित्रा, उमा से प्रेरित मोहन…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

मध्य प्रदेश नारी शक्ति की मिसाल रहा है। मध्य प्रदेश में रानी दुर्गावती, देवी अहिल्या से लेकर उमा भारती तक निर्णय और नेतृत्व क्षमता की धनी नारियों ने उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रानी दुर्गावती, देवी अहिल्या, विजयाराजे सिंधिया, सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन और उमा भारती की नेतृत्व क्षमता से काफी प्रेरित हैं। मध्य प्रदेश में नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा। तो गौरवान्वित भी नजर आए कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है।जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गर्व से कहा कि मोदी ने असंभव को संभव कर दिखाया है। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं। इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है।मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। और उमा भारती की शक्ति और नेतृत्व क्षमता सबके सामने है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मैं दावा किया कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा।

तो भारतीय लोकतंत्र में 75 साल बाद आखिर वह इतिहास बनने जा रहा है जब लोकतंत्र के हर निर्णय में नारी एक सशक्त पड़ाव के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। वास्तव में यह लोकतंत्र में एक युग का बदलाव

है। और इस बदलाव के तहत अब वह समय भी देखने को मिलेगा जब देश में महिला प्रधानमंत्री और कम से कम 33 फीसदी राज्यों में महिला मुख्यमंत्री अपने संवेदनशील नेतृत्व से प्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने का काम करेंगी। और तब भारत का लोकतंत्र सही मायने में नारी शक्ति की वंदना करता नजर आएगा। प्रदेश नहीं बल्कि पूरा देश ही अब मातृसत्ता से जुड़कर हर निर्णय में नारी शक्ति से समृद्ध होगा। मध्यप्रदेश में नारी शक्ति में दुर्गावती, अहिल्या, विजयाराजे, सुषमा, सुमित्रा, उमा तीन निर्णय और नेतृत्व क्षमता से मोहन ही नहीं, बल्कि पूरा देश और प्रदेश प्रेरित है…।

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।