
हर संवेदनशील हृदय हुआ भावुक: एक ही दिन में 5 नेत्रदान: माँ-पुत्र की अंतिम विदाई बन गया मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण
इंदौर: इंदौर शहर ने एक ही दिन में ऐसी घटना देखी जिसने हर संवेदनशील हृदय को भावुक कर दिया। एक ओर पाँच परिवार अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर उन्हीं परिवारों ने नेत्रदान कराकर अनेक नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में उजाले की नई किरण भी पहुँचा दी…
इन पाँच नेत्रदानों में सबसे मार्मिक घटना श्री राजुल जी शर्मा एवं उनकी माताजी श्रीमती किरण जी शर्मा से जुड़ी रही…
राजुल जी के आकस्मिक निधन के बाद परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा, परिजन माँ किरण जी शर्मा को इस सदमे से बचाने का प्रयास करते रहे, किंतु जैसे ही उन्होंने अपने पुत्र को अंतिम बार देखा, वे यह वियोग सहन नहीं कर सकीं। कुछ ही समय बाद उन्होंने भी इस संसार को अलविदा कह दिया।
माँ और पुत्र का यह अटूट स्नेह जीवन की अंतिम यात्रा तक साथ रहा…
गहरे शोक और असहनीय पीड़ा के बीच भी परिवार ने अद्भुत साहस और मानवता का परिचय देते हुए माँ और पुत्र दोनों का नेत्रदान संपन्न कराया…
इसी दिन शहर के अन्य तीन परिवारों ने भी अपने प्रियजनों के निधन के पश्चात नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज के समक्ष सेवा, संवेदना और मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया…
उन सभी के इस निर्णय से दस नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी प्राप्त होगी…
एक ही दिन में संपन्न हुए पाँच नेत्रदान यह संदेश देते हैं कि जीवन का अंत भी किसी अन्य के जीवन में नई शुरुआत बन सकता है..
नेत्रदानी
• श्रीमती धनवंती देवी लालवानी जी
• सरदारनी नरेंद्र कौर जी
• श्री नंदलाल जी जुम्मानी
• श्रीमती किरण जी शर्मा
• श्री राजुल जी शर्मा
इन सभी पुण्यात्माओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन…
तकनीकी एवं समन्वय सेवाएँ
जीतू बगानी, निवेदिता गोयल, सुमित,अनिल गोरे द्वारा प्राप्त हुई….





