
अप्रैल में ही जल संकट चरम पर: इंदौर में पानी के लिए हाहाकार, टैंकरों की भारी कमी से लोग परेशान
के के झा की विशेष रिपोर्ट
इंदौर: शहर के जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत आने वाला वार्ड क्रमांक 37 जो आबादी एवं क्षेत्रफल के हिसाब से शहर के सबसे बड़े वार्डों में गिना जाता है, इन दिनों भीषण जल संकट से गुजर रहा है। क्षेत्र की अधिकांश कॉलोनियों में बोरवेल सूख चुके हैं और नर्मदा जल की नियमित आपूर्ति न होने के कारण लोगों की निर्भरता पूरी तरह टैंकरों पर आ गई है।
वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि राकेश जायसवाल के अनुसार, पानी की मांग में चार गुना वृद्धि हुई है, लेकिन नगर निगम द्वारा केवल 12 टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि क्षेत्र के पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए कम स कम 20 टैंकरों की आवश्यकता है। रोजाना पुरे वार्ड से 400 से अधिक घरों से पानी की मांग आती है, जिसमें तुलसी नगर कॉलोनी से ही लगभग 100 घरों से पानी के लिए फोन आते हैं। मांग के हिसाब से मुश्किल से 25 प्रतिशत घरों में ही टैंकर का पाने पहुँच पाता है।
उन्होंने बताया कि निगम द्वारा 4000 से 5000 लीटर क्षमता वाले टैंकर दिए गए हैं, जिनसे एक बार में केवल 4-5 घरों को ही पानी मिल पाता है।

वार्ड पार्षद संगीता महेश जोशी ने बताया कि तुलसी नगर, महालक्ष्मी नगर और साईं कृपा जैसी बड़ी कॉलोनियों में रोजाना 2-3 टैंकर की आवश्यकता है, लेकिन वहां भी मुश्किल से 1-2 टैंकर ही मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे वार्ड में सबसे अधिक समस्या महालक्ष्मी नगर के ए सेक्टर, एमआर-3 सेक्टर और चिकित्सक नगर में बनी हुई है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में आयोजित बैठक में नगर निगम कमिश्नर एवं पीएचई विभाग के अधिकारियों को विधायक की उपस्थिति में अवगत करा दिया गया है कि वार्ड में अतिरिक्त लगभग 10 टैंकरों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने नगर निगम से जल्द अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की है।
तुलसी नगर निवासी अमोल पाटिल ने बताया कि समय पर पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। यही स्थिति महालक्ष्मी नगर, साईं कृपा, पुष्प विहार एक्सटेंशन, राधिका पैलेस और एमआर-4, 5 क्षेत्रों में भी बनी हुई है।

समस्या का एक बड़ा कारण पानी भरने की धीमी प्रक्रिया भी है। पूरे वार्ड के लिए तपेश्वरी बाग कॉलोनी स्थित हाइड्रेंट से टैंकर भरे जाते हैं, लेकिन केवल 3 इंच चौड़ी पाइपलाइन होने के कारण एक टैंकर भरने में 15-20 मिनट लग जाते हैं। इससे उपलब्ध टैंकर भी समय पर जल वितरण नहीं कर पाते। वार्ड क्रमांक 36-37 रहवासी महासंघ के पदाधिकारी के के झा, राजेश तोमर, कृष्ण कुमार वर्मा, दीपेश गुप्ता, रुपेश शर्मा, अमित त्रिवेदी ने कहा कि गर्मी के शुरुआती दिनों में ही वार्ड 37 के रहवासी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यदि जल्द ही पर्याप्त टैंकर और जल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी भयावह हो सकता है।





