45 डिग्री की तपिश में निकली 51 मीटर ध्वजा यात्रा: नंगे पांव 2 किमी तक खींची सजी-धजी बग्गी, बंसल समाज की आस्था का अनोखा नजारा

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45 डिग्री की तपिश में निकली 51 मीटर ध्वजा यात्रा: नंगे पांव 2 किमी तक खींची सजी-धजी बग्गी, बंसल समाज की आस्था का अनोखा नजारा

100 से ज्यादा गांवों के श्रद्धालु हुए शामिल; 25 साल पुरानी परंपरा कायम..

छतरपुर: जिले के बकस्वाहा में भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच आस्था का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। बंसल समाज द्वारा भगवान हनुमान जी के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए 51 मीटर लंबी ध्वजा के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

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दोपहर की चिलचिलाती धूप और तपती सड़कों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। नंगे पांव चलकर श्रद्धालुओं ने करीब 2 किलोमीटर की यात्रा पूरी की। खास बात यह रही कि समाज के लोगों ने अपने हाथों से सजी-धजी बग्गी को खींचते हुए पूरे मार्ग को भक्ति से सराबोर कर दिया।

यह परंपरा पिछले करीब 25 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है और हर साल इसकी भव्यता बढ़ती जा रही है। इस बार भी आयोजन में महिलाओं और बालिकाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा को आध्यात्मिक स्वरूप दिया, वहीं पुरुषों की टोलियां भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ती रहीं।

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आयोजन में छतरपुर जिले के 100 से अधिक गांवों से श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा बकस्वाहा क्षेत्र आस्था के महाकुंभ में बदल गया। वार्ड क्रमांक 14-15 से दोपहर 2 बजे शुरू हुई यह यात्रा शाम करीब 5 बजे बड़े हनुमान मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर 51 मीटर ऊंची ध्वजा अर्पित की गई।

बंसल समाज के सदस्यों का कहना है कि यह आयोजन किसी प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही आस्था और समर्पण की परंपरा है। उनका कहना है कि सच्ची भक्ति में अपार शक्ति होती है और जब श्रद्धा गहरी हो, तो गर्मी, थकान और दूरी जैसी कठिनाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं।

इस भव्य ध्वजा यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आस्था के आगे हर बाधा नतमस्तक हो जाती है।