
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी बंगाल में चला जादू, 90 प्रतिशत का रहा स्ट्राइक रेट
भोपाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी जादू चला। उनका यहां के चुनाव प्रचार में सफलता का स्ट्राइक रेट लगभग 90 फीसदी रहा। वे जहां-जहां गए, वहां पर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को भारी वोटों से हार का सामना करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने यहां पर दो दौरे किए, इस दौरान वे आधा दर्जन सीटों पर प्रचार करने के लिए पहुंचे थे। जिनमें से अधिकांश क्षेत्रों में भाजपा ने जबरदस्त जीत दर्ज की है।
*6 में से 5 सीटों पर प्रचंड जीत*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बंगाल चुनाव के दौरान जिन 6 विधानसभा सीटों पर धुआंधार प्रचार किया था, उनमें से 5 सीटों पर भाजपा ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। डॉ. यादव ने दो चरणों में बंगाल का दौरा किया था। पहले चरण में वे दो अप्रैल को छतना, बांकुरा, बरजोरा और ओंडा विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए पहुंचे थे। जबकि दूसरा दौरा उनका 18 अप्रैल को कमरहाटी और खड़गपुर सदन विधानसभा क्षेत्र में हुआ था।
*बांकुरा में 54 हजार से जीती भाजपा*
मुख्यमंत्री का पहला दौरा 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट वाला रहा। दो अप्रैल को उन्होंने जिन चार सीटों पर प्रचार किया वे चारों भाजपा जीती। इसमें छतना सीट से सत्य नारायण मुखोपाध्याय 47 हजार 174 वोटों से जीते, उन्हें 1 लाख 25 हजार 972 वोट मिले। मुखोपाध्याय ने तृणमूल कांग्रेस के सपन कुमार को हराया। इसी तरह बांकुरा से भाजपा के नीलाद्री शेखर दाना 54 हजार 177 वोटों से जीते उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अनूप मंडल को हराया। बरजोरा में भी कमल खिला, यहां पर बिल्लेश्वर सिंहा 41 हजार 310 वोटों से जीते, उन्होने तृणमूल कांग्रेस के गौतम मिश्रा को हराया। वहीं ओंडा में भी भगवा लहराया, यहां पर भाजपा उम्मीदवार अमरनाथ शाखा ने तृणमूल कांग्रेस के सुब्रता दत्ता गोपी को 31 हजार 723 वोटों से हराया। दूसरे चरण के दौरे पर मुख्यमंत्री दो सीटों पर गए थे। जिसमें से खड़गपुर सदर में भाजपा ने परचम लहराया, यहां पर दिलीप घोष 30 हजार 506 मतों से जीते। उन्होंने भी तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप सरकार को हराया। जबकि कमरहाटी सीट भाजपा हार गई। यहां पर भाजपा के अरुप चौधरी 5हजार 646 वोटे से तृणमूल कांग्रेस के मदन मिश्रा से हार गए।




