व्यक्तित्व और कृतित्व से बनता है अच्छा कार्यकर्ता – विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

गोविन्द मालू की स्मृति में आयोजित वैचारिक गोष्ठी में अतिथि वक्ताओं ने व्यक्त किए विचार

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व्यक्तित्व और कृतित्व से बनता है अच्छा कार्यकर्ता – विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

इंदौर। राजनीति में सेवाभावी कार्यकर्ता बनना बड़ा कठिन है। इसमें परिश्रम के साथ धैर्य का होना भी जरूरी है। आध्यात्म के क्षेत्र में भी अनुयायी तो बहुत हो जाते हैं, लेकिन वे वास्तविकता के नजदीक नहीं होते हैं। कार्यकर्ता निर्माण निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है। इसमें मेहनत तो बहुत अधिक है और उपलब्धियां बहुत कम हैं। अच्छा कार्यकर्ता अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से बनता है। यह विचार म.प्र. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के हैं। वे इंदौर प्रेस क्लब तथा संस्था आनंद गोष्ठी के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गोविन्द मालू के द्वितीय स्मृति प्रसंग गोविन्द गाथा कार्यक्रम के अंतर्गत जाल सभागृह में आयोजित ”राजनीतिक कार्यकर्ता का निर्माण-एक कठिन कार्य” विषय पर एक विशेष वैचारिक गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन दे रहे थे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, वरिष्ठ पत्रकार शरद द्विवेदी, सांसद शंकर लालवानी, मनासा विधायक माधव मारू, मालिनी गौड़, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, उष्मा मालू, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीरसिंह रावत उपस्थित थे।
श्री तोमर ने कहा कि जीवन को सार्थक कैसे किया जा सकता है यह स्व. गोविंद मालू की कार्य पद्धति से सीखा जा सकता है। वे एक कर्मनिष्ठ, समर्पित और जमीनी कार्यकर्ता थे। श्री मालू एक अच्छे राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ पत्रकार, नेता और कुशल प्रशासक थे। उनके निधन के दो वर्ष बाद भी इस कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का परिचायक है कि स्व. मालू के लोगों से कितने गहरे और आत्मीय संबंध थे। आज गोविंद मालू जैसे कार्यकर्ता मिलना कठिन और दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान द्वारा मिसाइल तो बनाई जा सकती है, लेकिन अच्छे कार्यकर्ता का निर्माण करना बड़ा मुश्किल है। एक कार्यकर्ता के निर्माण में सैकड़ों लोगों की भूमिका होती है। राजनीति में आकर कोई व्यक्ति सीधा बड़ा नहीं बनता, जब तक उसमें विचारों की स्पष्टता और लक्ष्य के प्रति समर्पण नहीं हो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक ऐसा संगठन है जो बिना किसी स्वार्थ के व्यक्ति निर्माण का कार्य वर्षों से कर रहा है। श्री तोमर ने वरिष्ठ भाजपा नेता कुशाभाऊ ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन चरित्र और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से अच्छे कार्यकर्ताओं के निर्माण की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

एक सच्चा कार्यकर्ता तैयार करना किसी वृक्ष को सींचने जैसा
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि वर्तमान दौर की राजनीति में संख्या बल और सोशल मीडिया का प्रभाव तो बढ़ा है, लेकिन वैचारिक प्रतिबद्धता वाले जमीनी कार्यकर्ताओं का अभाव होता जा रहा है। एक सच्चा कार्यकर्ता तैयार करना किसी वृक्ष को सींचने जैसा है। कार्यकर्ता के साथ सुख-दुख में 24 घंटे खड़ा रहना पड़ता है, तभी एक मजबूत संगठन खड़ा होता है। आज के दौर में चुनावी राजनीति की जटिलताओं के कारण जमीनी स्तर पर काम करना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
श्री यादव ने कहा कि 80 के दशक की राजनीति और वर्तमान समय की तुलना करते हुए कहा गया कि पहले राजनीति वैचारिक धरातल पर टिकी थी। अब व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने युवाओं के दृष्टिकोण को प्रभावित किया है, जिससे राजनीति में क्वालिटी की जगह क्वांटिटी ने ले ली है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा साझा करते हुए बताया कि सार्वजनिक जीवन में सक्रियता के कारण अक्सर परिवार की उपेक्षा होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद विपक्षी दलों के नेताओं के साथ व्यक्तिगत और मधुर संबंध लोकतंत्र की खूबसूरती है और इसे बनाए रखना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि विपक्ष में होने के बावजूद मेरी श्री मालू से लगातार राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बात होती थी, जिसमें हम अपने अनुभव साझा करते थे। वैचारिक प्रतिबद्धता के बावजूद हम दोनों में कभी खटास पैदा नहीं हुई।
वरिष्ठ पत्रकार शरद द्विवेदी ने कहा कि मनुष्य होना भी कठिन और कार्यकर्ता होना भी कठिन है। राजनेता भी एक साधारण मनुष्य होता है, लेकिन हम उसे महामानव मान लेते हैं, क्योंकि वह आम आदमी से ऊपर होता है। जबकि सच यह है कि राजनेता के जीवन में भी बड़े उतार-चढ़ाव आते हैं, विशेषकर चुनावी दौर में। जब एक नेता को अपने निर्वाचन क्षेत्र में लगातार कई महीनों पहले से संपर्क में रहना पड़ता है। उसका प्रभाव सीधे स्वास्थ्य और निजी जीवन पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता भी बड़ा स्वाभिमानी होता है, उसे लंबे समय तक संगठन में जोड़े रखना बड़ा कठिन है, क्योंकि वह भी एक मनुष्य होता है और उसकी भी कई अपेक्षाएं होती हैं और जब वे पूरी नहीं होती हैं तो वह अपने नेता से दूरी बनाने लगता है। उन्होंने कहा कि श्री मालू एक अच्छे संगठक और कार्यकर्ता थे। वैचारिक प्रतिबद्धता के बावजूद वे सभी से अच्छा रिश्ता रखते थे। यदि अच्छे कार्यकर्ता नहीं होंगे तो राजनीति की गंगोत्री प्रदूषित हो जाएगी।

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सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि श्री मालू से मेरा संपर्क करीब 30 वर्ष से अधिक पुराना था। जब मैं भाजपा में मंडल अध्यक्ष था और मालू जी इंदौर क्लाथ मार्केट बैंक में पदस्थ थे। मालू जी ने काफी संघर्ष किया और वे मेहनत से प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी के पद तक पहुंचे। गोविंद मालू ने विषम परिस्थितियों में भी भाजपा को मजबूती प्रदान की। श्री मालू के कार्यकाल में सबसे अधिक प्रेस से मिलिए कार्यक्रम हुए।
मनासा विधायक माधव मारू ने कहा कि स्व. मालू एक अच्छे राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं संवेदनशील और बेहतर इंसान भी थे। मिलनसारिता उनमें कूट-कूटकर भरी थी। लोगों से रिश्ता जोड़ना उन्हें बहुत अच्छे से आता था।

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कार्यक्रम के प्रारंभ में सुरभि मालू नोगजा ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि मालू जी ने राजनीति को समाजसेवा का सशक्त जरिया बनाया। कार्यकर्ताओं से लगातार मिलते रहे और उनसे रिश्ते बनाए और अपनी उपलब्धियों का कभी शोर नहीं मचाया। अतिथियों का स्वागत इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम, महासचिव प्रदीप जोशी, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवारी, सचिव अभिषेक चेंडके, पूनम शर्मा, सत्यनारायण मंत्री, सेम पावरी, रिंकू राठौर, अमित विजयवर्गीय, अमित तिवारी,लव मालू, सिद्धांत मालू, कुश मालू,वेदांश मालू, वासुदेव मालू, देवकीनंदन तिवारी ने किया। स्मृति चिह्न प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी, हरि मालू, प्रताप करोसिया, आशीष गुप्ता ने प्रदान किए। इस मौके पर रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष गोविंद काकाणी का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद तिवारी ने किया। आभार दीपक कर्दम ने माना।

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इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मैंदोला, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णमुरारी मोघे, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, केके मिश्रा, हरिनारायण यादव, ललित पोरवाल, सूरज कैरो, टीनू जैन, जनसंपर्क विभाग के पूर्व संचालक सुरेश तिवारी, अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता, माला सिंह ठाकुर, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष सतीश जोशी, रमण रावल, प्रमोद दीक्षित, मनीष मक्खर, श्याम कामले, विजय भट्ट, लक्ष्मीकांत पंडित, राजेश राठौर, संजय लुणावत, तपेन्द्र सुगंधी, राजीव उपाध्याय, अलका सैनी, वैशाली पारे, ललित उपमन्यु, डॉ. अर्पण जैन, प्रवीण जोशी, अजय सारडा, रितेश ईनाणी, ओम नरेडा, रामेश्वर गुप्ता,माला सिंह ठाकुर,रवि विजयवर्गीय, शैलेष पाठक, विनोद खंडेलवाल, महेंद्र सोनगिरा, पीयूष पारे, हेमंत उपाध्याय, गीता मूंदड़ा के साथ ही भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र सिंह, राजेश चतुर्वेदी, राकेश अग्निहोत्री, नितेंद्र शर्मा और प्रभु पटेरिया सहित बड़ी संख्या में मीडिया के साथी,सामाजिक, साहित्यिक और राजनीतिक क्षेत्र के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे।