
चीनी के बढ़ते भाव को रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट पर लगाई रोक, नोटिफिकेशन जारी
नई दिल्ली: चीनी के बढ़ते भाव को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर चीनी के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है।
इस साल अल नीनो के कारण मॉनसून के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इससे अगले सत्र में चीनी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इससे कीमतों में उछाल आ सकती है। इसके मद्देनजर सरकार ने चीनी का एक्सपोर्ट रोकने का फैसला किया है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस कदम से सफेद और रॉ शुगर की वैश्विक कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। साथ ही ब्राजील और थाईलैंड जैसे देशों से एशिया और अफ्रीका के खरीदारों को निर्यात बढ़ेगा। ब्राजील के बाद भारत दुनिया में चीनी का दूसरा बड़ा निर्यातक है। सरकार ने चीनी मिलों को 1.59 मिलियन टन चीनी एक्सपोर्ट करने की अनुमति दी थी। माना जा रहा था कि उत्पादन घरेलू मांग से ज्यादा रहेगा। लेकिन लगातार दूसरे साल उत्पादन के खपत से कम रहने का अनुमान है।
*क्या है नोटिफिकेशन?*
डीलरों का कहना है कि ट्रेडर्स ने करीब 800,000 टन एक्सपोर्ट के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन कर दिए हैं और इसमें से 600,000 टन से अधिक चीनी एक्सपोर्ट की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि रॉ और सफेद शुगर का एक्सपोर्ट रोका गया है। कुछ शर्तों के साथ एक्सपोर्ट की अनुमति होगी। अगर नोटिफिकेशन से पब्लिकेशन से पहले लोडिंग हो चुकी है तो इसके एक्सपोर्ट की अनुमति होगी।
नोटिफेिकेशन के मुताबिक अगर शिपिंग बिल फाइल कर दिया गया है और जहाज भारतीय बंदरगाह पर लंगर डाल चुका है तब भी चीनी के एक्सपोर्ट की इजाजत दी जाएगी। अगर शुगर को कस्टम या कस्टोडियन को सौंपा जा चुका है तब भी शिपमेंट को क्लीयर कर दिया जाएगा।
सरकार ने चीनी के एक्सपोर्ट पर सितंबर तक रोक लगा दी है। देश में चीनी का उत्पादन इस साल कम रहने का अनुमान है।
मुबंई में एक ग्लोबल ट्रेड हाउस के डीलर ने कहा कि सरकार ने फरवरी में पर्याप्त एक्सपोर्ट कोटा दिया था। इससे ट्रेडर्स ने एक्सपोर्ट डील साइन की थी। अब ट्रेडर्स के लिए एक्सपोर्ट ऑर्डर पूरा करना बड़ी चुनौती होगी। भारत के चीनी का एक्सपोर्ट रोकने के फैसले के बाद न्यूयॉर्क में रॉ शुगर फ्यूचर्स में 2 फीसदी से अधिक तेजी आई है जबकि लंदन वाइट शुगर फ्यूचर्स तीन फीसदी उछला।





