
हरदा और पेटलावद हादसों पर गिरी थी अफसरों पर गाज लेकिन देवास में….
देवास कलेक्टर से घटना को लेकर 4 सवाल
भोपाल: हरदा और झाबुआ जिले के पेटलावद में हुए विस्फोट के बाद यहां के अफसरों पर गाज गिरी थी। पेटलावद में जहां 79 लोगों की मौत हुई थी, वहीं हरदा में फटाखा फैक्ट्री में हुए धमाकों से 11 लोगों की मौत हुई थी। इन दोनों हादसों में राज्य शासन ने कलेक्टर को हटा दिया था, लेकिन देवास में जिले में फटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के 24 घंटे बीतने के बाद भी जिला प्रशासन के किसी भी अफसर के खिलाफ प्रारंभिक रूप से कोई कार्यवाही तय नहीं हो सकी है।
जिला प्रशासन के दस दिन पहले ही फैक्ट्री का लाइसेंस रिन्यू किया था। लाइसेंस रिन्यू करने के लिए यहां के पटवारी की रिपोर्ट को भी नजर अंदाज किया गया था। जबकि पटवारी ने यहां की वसाहट और पास में ही पेट्रोल पम्प एवं हाईवे होने की जानकारी अपनी रिपोर्ट में दी थी। इसके बाद भी किसी अफसर ने इस रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया।
देवास कलेक्टर से 4 सवाल
इस मामले में आम जनता कलेक्टर से तीन सवाल पूछ रही है। पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस किस अफसर ने रिन्यू किया था? क्या क्षेत्र के पटवारी की रिपोर्ट पर लाइसेंस देने वाले अफसर ने फैक्ट्री का फिजिकल वेरिफिकेशन किया था? लाइसेंस रिन्यू की जानकारी आपको दी गई थी या नहीं?
क्या कलेक्टर ने प्रारंभिक रूप से किसी को दोषी माना है और किसी अवसर के खिलाफ कार्रवाई की है?




