
लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, वकीलों पर लाठीचार्ज, पथराव
पुलिस ने वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
लखनऊ;राजधानी लखनऊ में कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के बाहर भारी बवाल हुआ है। कोर्ट के बाहर बने कक्षों पर नगर निगम द्वारा चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान प्रदर्शनकारी वकीलों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान लोगों ने पथराव कर दिया।
वकील सिविल कोर्ट के बाहर बने कक्षों को तोड़े जाने का विरोध कर रहे थे। नगर द्वारा कक्ष तोड़े जाने पर वकील भड़क गए और बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। पुलिस ने वकीलों को हटाने की कोशिश की, लेकिन मामला बिगड़ गया। तीखी नोकझोंक के बाद पुलिस ने वकीलों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठियां बरसाईं। इस दौरान भीड़ में भागते हुए कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट के बाहर अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। होई कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने 240 अवैध निर्माण चिह्नित किए। इसमें ज्यादातर वकीलों के चैंबर और दुकानें हैं। रविवार को नगर निगम की टीम 10 बुलडोजर लेकर 300 पुलिसवालों के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची। इस दौरान वकीलों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस और नगर निगम की टीम की कार्रवाई रोकने को लेकर वकीलों से विवाद बढ़ गया। माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: Police resort to lathi charge to disperse the protesting advocates during the demolition drive carried out by Municipal Corporation on the chambers outside the Civil Court in Kaiserbagh.
(Note: Strong language) pic.twitter.com/cYaf65Dppz
— ANI (@ANI) May 17, 2026
पुलिस और नगर निगम की टीम पर पथराव का आरोप
अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई झड़प और पथराव में 4 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 3 अधिवक्ता और एक पुलिसकर्मी शामिल है। घायल हुए सभी लोग बलरामपुर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे। अस्पताल में एक वकील अनिल कुमार भर्ती है, जबकि अन्य लोग इलाज के बाद वापस लौट गए हैं। अधिवक्ता शुभम यादव ने कहा कि पुलिस और नगर निगम द्वारा लाठी चार्ज किया गया है। सभी वकीलों को चैंबर तोड़े जा रहे हैं। नगर निगम के कर्मचारियों ने पथराव किया है, गलत कार्रवाई हुई है।





