परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद विभागों की समीक्षा… आखिर क्या है ‘मोहन’ की इच्छा…

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परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद विभागों की समीक्षा… आखिर क्या है ‘मोहन’ की इच्छा…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

मध्य प्रदेश में सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव विभागों की समीक्षा

कर रहे हैं। परफॉर्मेंस रिपोर्ट को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा था और अब उसके ठीक बाद विभागों की समीक्षा ने इसी एंगल पर कुछ और सोचने को मजबूर कर दिया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट और विभागों की समीक्षा को मिलाकर मंत्रिमंडल में छँटनी का फूलजब कोई भी सवाल किया जाएगा, तो प्रूफ प्लान तैयार कर रहे हैं। यानी जिस भी मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा, इसकी वजह भी संबंधित मंत्री और पूरे प्रदेश के सामने रख दी जाएगी। और बाहर किए गए मंत्री यदि कोई सवाल उठाएंगे तो परफॉर्मेंस रिपोर्ट और संबंधित विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर मोहन सरकार द्वारा बनाई गई संबंधित मंत्री की मार्कशीट उसके हाथ में थमा दी जाएगी या फिर दूर से ही दिखाकर यह साबित कर दिया जाएगा कि सरकार का फैसला कभी गलत नहीं होता। सवाल सभी का एक ही है कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट के ठीक बाद ही विभागों की समीक्षा का राज क्या है और इसके पीछे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की इच्छा क्या है?

हाल ही में मुख्यमंत्री निवास में वन-टू-वन बैठक में मंत्रियों ने एक-एक कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के समक्ष ढाई साल के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत किया था। मंत्रियों को अलग-अलग बुलाकर बात की गई थी। इसमें कई मंत्रियों के कामों को सराहा गया था तो कई मंत्रियों को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। 17-18 मई 2026 को वन टू वन समीक्षा का यह लंबा दौर चला था तो इसके दो दिन बाद ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विभागीय समीक्षा शुरू कर दी। इसमें मंत्रियों के साथ साथ अफसरों की क्लास भी लगाई जा रही है। दूसरे तरीके से अगर देखा जाए तो सत्ता और संगठन की कसौटी पर हर मंत्री को इस तरह परखा जा रहा है ताकि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लिया गया निर्णय सत्ता और संगठन दोनों को संतुष्ट कर सकें और मंत्रिमंडल से बाहर किया गया मंत्री कोई दरवाजा खटखटाने की स्थिति में न रहे। कुल मिलाकर, मई का महीना मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। और कठिन कठिन परीक्षाओं के दौर से गुजर कर कुछ की सेहत बेहतर नजर आ रही है तो कई अन्य की सेहत पर बुरा असर दिखाई दे रहा है।

तो मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें जोरों पर हैं। राज्य में मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर बड़े बदलाव की तैयारी के कयास लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट में कुल 31 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 35 मंत्रियों की अनुमति है। इन 4 खाली पदों को भरने के लिए नए चेहरों को शामिल किया जाना लगभग तय है। दिल्ली में पार्टी आलाकमान की सहमति के बाद, सत्ता और संगठन ने मंत्रियों के कामकाज का कड़ा ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार कर लिया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों ने मंत्रियों के साथ वन-टू-वन समीक्षा भी की है। खराब प्रदर्शन करने वाले कुछ मौजूदा मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है और उनके स्थान पर कुछ वरिष्ठ विधायकों को मौका मिलने की चर्चा है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए कुछ महिला नेताओं और नए विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। और यह तय है कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद अब विभागों की समीक्षा के साथ ही संबंधित मंत्री की पूरी कुंडली तैयार कर उनके भविष्य पर अंतिम मुहर लग रही है। परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद विभागों की समीक्षा को आधार बनाकर ‘मोहन’ की इच्छा यही है कि मंत्रियों को आंकने में कहीं कोई चूक न हो जाए…।

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।