
Dhar Bhojshala Friday: 721 साल बाद भोजशाला में महाआरती और पूजा सम्पन्न, मुस्लिम समाज ने घरों में काली पट्टी बांधकर अता की जुमे की नमाज़
धार। माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश के बाद शुक्रवार को भोजशाला परिसर में हिंदू समाज द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए थे जो शांतिपूर्ण सम्पन्न हुए। सुबह से ही भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।


गर्भगृह के आसपास आकर्षक सजावट और रंगोली बनाई गई थी तथा पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। इधर मुस्लिम समाज के लोगो ने अपने-अपने घरा मे जुम्मे की नमाज अता की।
भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि “महाआरती और पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग भोजशाला पहुंचे और पूरे दिन भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए।”
वहीं मुस्लिम समाज ने भी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। मुस्लिम समाज के लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपने घरों और निजी स्थानों पर जुमे की नमाज अता की।
मुस्लिम समाज सदर अब्दुल समद ने कहा कि ‘‘वे हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन निर्णय से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। *जिसका विरोध हमने आज जुम्मे की नमाज अपने-अपने घर के आंगन मे पढ़कर और काली पट्टी बांधकर किया। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा कमालमौला मस्जिद में जुमे की नमाज की अनुमति निरस्त किए जाने के विरोध में समाज ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।’’
संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि “हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन कराया गया तथा जिलेभर में करीब दो हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में शांति व्यवस्था बनी रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।





