कौन रहेगा मझधार और किसकी होगी नैया पार…

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कौन रहेगा मझधार और किसकी होगी नैया पार…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में अपना तीसरा प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस को खुली चुनौती दे दी है। महेश केवट को भाजपा ने अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाकर ताल ठोंक दी है कि रिक्त हुई तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा का ही अधिकार है। और यह भी संदेश दे दिया है कि लोकतांत्रिक परिधि में ही भाजपा की जीत की गाड़ी सरपट दौड़ेगी। इससे कांग्रेस की चुनौतियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर तेलंगाना की सैर कराना चाहती है ताकि वहां से आकर कांग्रेस विधायक सीधे मतदान करें और हॉर्स ट्रेडिंग जैसी कोशिशें नाकामयाब हो जाएँ। हालांकि यह बात तो मतदान के बाद ही पता चलेगी कि केवट की नाव मझधार में रहती है या फिर मीनाक्षी नटराजन की नैया पार कराने में कांग्रेस कीर्तिमान रचती है।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनावों के बड़े मायने नजर आ रहे हैं। भाजपा सरकार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपनी टारगेट लिस्ट में पहले नंबर पर रख लिया है। हाल ही में डॉ. मोहन यादव ने पटवारी पर खुलकर वार किया था। और यह राज्यसभा चुनाव अब कहीं न कहीं जीतू पटवारी को लक्ष्य बनाकर ही भाजपा लड़ रही है। अगर भाजपा महेश केवट की नैया पार करा लेती है तो मीनाक्षी के साथ साथ पूरी कांग्रेस मझधार में खड़ी नजर आएगी। जीतू पटवारी मझधार में भी सबसे ज्यादा गहरे पानी में गोते खाते नजर आएंगे। वैसे तो कांग्रेस अपनी एकता के दावे कर रही है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मन में क्या है, इसका आकलन अभी तक नहीं हो पाया है। और यह माना जा रहा है कि कांग्रेस के कई विधायक भाजपा के प्रभाव में हैं। शायद कांग्रेस के ऐसे विधायकों के बल पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरोसा जताया है कि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा की तीनों रिक्त हो रही सीटों के लिए अपने प्रत्याशी चुनाव में उतारे हैं। भाजपा के तीनों राज्यसभा प्रत्याशी विजयी होंगे। प्रभु श्रीराम ने निषादराज को गले लगाकर उनको सम्मान देने का कार्य किया था। भाजपा ने प्रभु श्रीराम की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महेश केवट को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा के तीनों प्रत्याशियों की राज्यसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित है। भाजपा पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ राज्यसभा चुनाव लड़ रही है। हमारी पार्टी के पास राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। भाजपा के राज्यसभा प्रंत्याशी महेश केवट ने कहा कि सामान्य कार्यकर्ता को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाना भाजपा की कार्यकर्ता आधारित कार्य संस्कृति का प्रमाण है। पार्टी संगठन ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उस पर और समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। यानि कि भाजपा के दिग्गज और महेश केवट सभी अपनी विजय को लेकर आश्वस्त हैं।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा के पास तीसरा राज्यसभा सांसद चुनने के लिए आवश्यक संख्या नहीं है, फिर भी उसने तीसरे उम्मीदवार का नामांकन दाखिल कर लोकतंत्र को खरीद-फरोख्त और दबाव की राजनीति करने की कोशिश की है। लेकिन भाजपा यह जान ले कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं। हम लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं और मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर भाजपा की इस राजनीति को करारा जवाब देंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि काँग्रेस पार्टी महात्मा गांधी जी की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है। यह केवल बहन मीनाक्षी नटराजन जी की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की लड़ाई है। हमें पूर्ण विश्वास है कि काँग्रेस का उम्मीदवार विजयी होगा। और कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने आक्रोश जताया कि भाजपा का असली चरित्र उजागर हो रहा है। नारी वंदन के प्रति उनका विश्वास आज सभी के सामने है। यह संविधान की लड़ाई है,और संविधान की जीत होगी। सभी विधायक एकजुटता से साथ है।

तो त्रेतायुग में केवट ने भगवान श्री राम को नदी पार कराई थी तो अब भाजपा को भरोसा है कि राम नाम जपते हुए मध्यप्रदेश में मोहन सरकार ही केवट की नैया पार कराएंगे। तो मीनाक्षी

संविधान की प्रहरी के रूप में अपनी जीत में लोकतंत्र की जीत तलाश रही हैं। जबकि लोकतंत्र खुद ही अपनी जीत को लेकर कभी कोई दावे नहीं करता। हाँ, यह बात तय है कि परीक्षा तो कांग्रेस और पटवारी की ही है, क्योंकि बाकी किसी के पास खोने को कुछ भी नहीं है और पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण ‘विजय’ है। 18 जून तक मतदान होने तक फिलहाल सबकी सांसें अटकी रहेंगी। और उसके बाद फिर जब तक कि यह सामने नहीं आएगा कि तीसरा विजयी उम्मीदवार कौन है? तो तभी समझ आएगा कि कौन रहेगा मझधार और किसकी हो गई नैया पार…।

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।