
Railway employee set an example of honesty : यात्री का खोया पर्स लौटाकर रेलवे कर्मचारी ने पेश की ईमानदारी और मानवता की मिसाल!
Ratlam : पश्चिम रेलवे के इंदौर बुकिंग कार्यालय में कार्यरत मुख्य वाणिज्य लिपिक बलराम बड़गोत्या ने अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं यात्री सेवा भावना का परिचय देते हुए एक यात्री का खोया हुआ पर्स सुरक्षित रूप से उसे वापस लौटाकर रेलवे की सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ किया है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि
12 जून 2026 को इंदौर बुकिंग कार्यालय में रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान चार्ज ग्रहण करते समय बड़गोत्या को एक साथी कर्मचारी द्वारा एक पर्स सौंपा गया था जो किसी यात्री द्वारा टिकट खरीदते समय काउंटर पर भूलवश छोड़ दिया गया था। पर्स की जांच करने पर उसमें आर्मी कैंटीन कार्ड, जिस पर श्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी का नाम अंकित था 2 एटीएम कार्ड तथा लगभग 3640 रुपए नगद पाए गए।
कुछ समय तक पर्स के स्वामी के आने की प्रतीक्षा करने के बाद जब कोई उसे लेने नहीं पहुंचा, तब बड़गोत्या ने स्वयं पर्स के वास्तविक मालिक का पता लगाने का प्रयास प्रारंभ किया। अगले दिन उन्होंने डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन स्थित एमसीओ कार्यालय में संबंधित व्यक्ति की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, किन्तु वहां से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके पश्चात उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, डॉ. अम्बेडकर नगर की मुख्य शाखा में कार्यरत माने से संपर्क किया। एटीएम कार्ड के विवरण के आधार पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी का संपर्क नंबर प्राप्त कर उनसे बातचीत की तथा उनके पर्स के सुरक्षित मिलने की सूचना दी। और 16 जून 2026 को इंदौर बुकिंग कार्यालय में वीरेंद्र सिंह सोलंकी को उनका पर्स समस्त सामग्री सहित सुरक्षित रूप से सुपुर्द किया गया। अपना पर्स वापस पाकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की तथा रेलवे कर्मचारी की ईमानदारी और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए भारतीय रेल की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। बलराम बड़गोत्या द्वारा प्रदर्शित यह सराहनीय कार्य न केवल रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यात्रियों के बीच भारतीय रेल के प्रति विश्वास को भी और मजबूत करता हैं!



