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सरकारी विभागों में आउटसोर्सिग से तैनाती और स्टोर पर्चेस रुल अब फायनेंस देखेगा

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सरकारी विभागों में आउटसोर्सिग से तैनाती और स्टोर पर्चेस रुल अब फायनेंस देखेगा

भोपाल : मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की तैनाती, उनसे जुड़े नियम तैयार करना, निर्देश जारी करने और परामर्श तथा अनुशंसा करने का काम अब वित्त विभाग करेगा। अभी तक यह काम किसी भी विभाग के पास नहीं था। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए फायनेंस को अधिकृत कर दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने मध्यप्रदेश कार्य आवंटन नियमों में संशोधन कर दिया है। वित्त विभाग और उससे संबंधित प्रविष्टियों में अब कुछ नये विषय जोड़ दिए गए है। भंडार क्रय नियम अभी तक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के पास था अब इसे एमएसएमई से लेकर वित्त विभाग को दे दिया गया है।

वित्त विभाग को जो काम दिए गए है उसमें विभाग में प्रतिपादित होने वाले नीति संबंधी काम वित्त विभाग को दिए गए है। इसमें राज्य की संचित निधि, आकस्मिता निधि औ राज्य का लोक लेखा, लोक ऋण, वार्षिक वित्तीय विवरण के प्रारुप तथा विषय वस्तु, अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक लेखानुदान और बजट प्रक्रिया से संबंधित सभी विषय , विनियोग बिल, पुनर्विनियोग, प्राकृतिक आपदा सहायता निधि, उसमें धन का विनियोग और उससे धन प्रत्याहरण का प्राधिकरण, अर्थोपाय व्यवस्था, वित्तीय संसाधन,वित्तीय संसाधन बढ़ाने संबंधी सामान्य नीति का काम वित्त विभाग देखेगा।

वित्त आयोग, स्थानीय निकायों के ऋण और अग्रिम धन, विनियोग लेखाओं, लेखा परीक्षा प्रतिवेदन और लोक लेखा समिति से संबंधित या उनसे उदभुत होंने वाले विषय, स्थानीय लेखा परीक्षा, अल्प बच योजना, कोषालय, व्यय नियंत्रण संबंधी नियम और विनियोग हेतु विनियम, भारत के संविधान के अनुच्छेद 283 284 के अधीन निधि औ नियमों एवं विनियमों की अभिरक्षा, सुरक्ष्ज्ञा एवं समस्त निधियों का उचित रुप से उपयोग, वितीय प्रक्रिया के विनियामक नियम और वाणिज्य लेखाओं को सम्मिलित करते हुए लेखा रखने संबंधी सभी नियम, भविष्य निधि नियम, वाहन गृह निर्माण और अन्य विधि अग्रिम धन के और इस प्रयोजन के लिए निधियों के आवंटन से संबंधित नियम, संस्थागत वित्त, बीमा अधोसंरचना में जन निजी भागीदारी, डाकघर बचत बैंक, विनियम पत्र चैक, वचन पत्र और अन्य लिखित, सेवाओं से जुड़े विषय नियुक्ति, पदस्थापना, तबादले ,वेन छुट्टी, सेवानिवृति वेतन, पदोन्नति, भविष्य निधि, प्रतिनियुक्ति, दंड तथा अभ्यावेदन के मामले जीएडी को आवंटित मामलों को छोड़कर , भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में अभियोजन स्वीकृति, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत लोक सेवकों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति, राष्ट्रीय पेंशन योजना, वेतन आयोग प्रकोष्ठ और आउटसोर्स से सेवाएं प्राप्त करने के मामले अब वित्त ही देखेगा।

वित्त विभाग उप कर अधिनियम सहित 24 नियम और अधिनियमों को देखेगा। इसके अधीन संचालनालय कोष एवं लेखा, स्थानीय निधि संपरीक्षा, पेंशन भविष्य निधि एवं बीमा, संस्थागत वित् और वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली कार्यालय काम करेंगे। राज्य वित्त निगम और राज्य वित्त आयोग भी इसके अधीन होगा। प्रावीडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी और कर्मचारी आयोग का काम वित्त के अधीन नहीं आएगा। वित्त विभाग के अंतर्गत दस प्रकार की सेवाएं भी आएंगी।