
बस स्टैंड चौड़ीकरण कार्य का 200 से ज्यादा दुकानदारों ने किया समर्थन!
Sailana : नगर के बस स्टैंड के चौड़ीकरण के समर्थन में बड़ी संख्या में बस स्टैंड के ही व्यापारी सामने आए हैं। ओशीन परिसर में रविवार शाम 200 से ज्यादा व्यापारियों का मिलन समारोह आयोजित हुआ था। इसमें जिला प्रशासन के रवैये को गलत बताते हुए सभी व्यापारियों ने एकमत से नगर परिषद की कार्यवाही का समर्थन किया था और कहा था कि जिला प्रशासन सैलाना के बस स्टैंड के चौड़ीकरण मुद्दे को विकास के नजरिए से देखे और इस पर लगी रोक हटाए। अन्यथा व्यापारियों को बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
ये हैं पूरा मामला!
दरअसल सैलाना नगर परिषद ने 3 माह पूर्व एक प्रस्ताव पारित कर नगर विकास के दृष्टिगत सैलाना के बस स्टैंड के चौड़ीकरण की योजना बनाई थी। इसमें 15 दुकानें भी प्रभावित हो रही थी जिन्हें फिलहाल तोड़ा जाना था और बाद में पुनः लागत मूल्य पर उन्हीं दुकानदारों को वापस देना था। प्रभावित दुकानदारों में से आधे विकास की इस पहल से संतुष्ट हैं और उन्होंने अपनी दुकानें खाली करके नगर परिषद की सुपुर्दगी में भी दे दी थी। उधर 7 दुकानदारों ने मामला कोर्ट में भी भिजवाया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुन कर नवीन निर्माण को हरी झंडी भी दे दी। इधर जिला प्रशासन की रोक के चलते नगर परिषद ये कार्य अब तक नहीं कर पाई।
आंदोलित हुए 200 से ज्यादा दुकानदार!
नगर की बढ़ती आबादी और आवागमन के बढ़ते साधन से निःसंदेह वर्तमान बस स्टैंड में जगह छोटी पड़ने लगी यदि बस स्टैंड के विकास का ये कार्य रुका तो भविष्य में पूरे बस स्टैंड को ही बायपास पर स्थानांतरित करना पड़ सकता हैं। यदि ऐसा होता हैं तो वर्तमान बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्र के दुकानदारों के कारोबार खासा प्रभावित होगा।जिला प्रशासन की रोक से आहत बड़ी संख्या में व्यापारी ओशिन परिसर में एकत्रित हुए। चर्चा की और प्रशासन के रुख पर आपत्ति व्यक्त की।

एडवोकेट अरविंद मुरेरा, श्याम धाकड़, कमलेश कसेरा, राजेन्द्र चंडालिया, पूरनमल परमार, जीवनलाल भोई, संजय तातेड़, रूपेश लोढ़ा, मोनू शर्मा आदि ने संबोधित करते हुए नगर परिषद के फैसले को सही बताया तथा एकमत से ये कहा गया कि प्रशासन पर जनहित के इस कार्य पर से रोक हटाने के लिए दबाव बनाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। संचालन मंगलेश कसेरा ने किया।
क्या कहते हैं नगर परिषद अध्यक्ष!
हमारी कार्यवाही में कोई कमी नहीं हैं। रोक हटने के बाद हमें कार्य शुरू करना है और जो दुकानदार प्रभावित हो रहें हैं उन्हें नई दुकानें लागत मूल्य पर देना हैं!
चेतन्य शुक्ला!





