
देख तेरे मंदिर की हालत क्या कर दी है राम…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पहला बयान आया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिंदू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिंदू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने के षड्यंत्रों को विफल करें।
दत्तात्रेय होसाबले ने कहा, “श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर, पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों राम भक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिंदू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र बना है। अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों को, भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुंचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं।”उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन कर जांंच शुरू की है। इस जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कठोर दंड सुनिश्चित करना आवश्यक है। संघ सरकार्यवाक दत्तात्रेय ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर अभी जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है वो समाप्त होनी चाहिए।
निश्चित तौर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चिंता जायज है। अयोध्या में
मुगलों ने राम मंदिर के स्थान पर बाबरी मस्जिद का निर्माण कर हिन्दू धर्म की आस्था पर प्रहार किया था। और
राम मंदिर को फिर से उसी स्थान पर बनाने में पांच सौ साल का लंबा समय बीत गया। और राम के नाम पर ही भारत में भारतीय जनता पार्टी का उद्धार हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
हिंदू आस्थाओं का प्रतीक माना जाता है। और ऐसे में सनातन के नाम पर संघ और भाजपा ने हर हिन्दू के मन में एक खास जगह बनाने की कोशिश की है। अब, अगर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सनातन के हिमायती बनने वाले ही अपराधी की भूमिका में हैं, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह चिंता वाजिब ही है। और जब तक चढ़ावा चोरी के मामले में गुनहगारों को कठोरतम सजा नहीं मिलती, तब तक
संघ और भाजपा के नाम पर एक बड़ा सवालिया निशान तो लगा ही रहेगा। और शायद इसीलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना बयान सामने रखना पड़ रहा है। आखिरकार राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की साजिश करने वाले हिन्दुओं को किन्हीं राष्ट्रद्रोहियों ने तो अपनी साजिश का शिकार नहीं बनाया था। ऐसे में असली राष्ट्रद्रोही तो हिन्दुत्व के नाम पर राम मंदिर चढ़ावे की जिम्मेदारी संभाल रहे हिन्दू ही है। ऐसे में संपूर्ण हिंदू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति के केंद्र राम मंदिर में चढ़ावा चोरी ने हर हिंदू का सिर शर्म से झुका दिया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सनातन के प्रतीक बने बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री कह रहे हैं कि चोरी की पर्ची खोली तो मुझे निपटा देंगे। जिन्होंने भगवान को नहीं छोड़ा, वे क्या हमें छोड़ देंगे? अक्सर भारी लोग निकल जाते हैं और छोटे फंस जाते हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस घटना के बाद उनसे लगातार पूछा जा रहा है कि वह इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं? पर आखिर बात वहीं आ जाती है कि एक धर्मनिष्ठ हिन्दू के सामने मौन रहने के अलावा विकल्प भी क्या बचा है?
आख़िर राम मंदिर में अब हर जगह घोटाला दिखाई देने लगा है। एसआईटी जांच में सामने आया है कि राम मंदिर में विशेष दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से 20 से 25 हजार रुपये की वसूली की जाती है। होटलों के जरिए संपर्क बनाने और वीआईपी पास दिलाने जैसी बात सामने आने के बाद एसआईटी की जांच इस दिशा में शुरू की गई है। समझ में यही नहीं आ रहा है कि राम के नाम पर राम मंदिर में सर्वेसर्वा बनकर धन की लालची इन हिन्दू विरोधियों ने आख़िर हद कहां तक पार नहीं की होगी।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि राम मंदिर में चंदा चोरी करने वालों की कलई खुल गई। डबल इंजन की सरकार को लेकर कहा कि ये हिंदू-हिंदू कहकर सत्ता में आए थे। इन्होनें न गाय की रक्षा की, न ही मंदिरों की रक्षा की। शंकराचार्य ने कहा ये लोग भगवान को भी धोखा देने में लगे हैं।
फिलहाल राम में आस्था रखने वाले एक सामान्य धर्मावलंबी की तरफ से यही कहा जा सकता है कि देख तेरे मंदिर की हालत क्या कर दी है राम… अब तू ही कर इंसाफ…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





