
Ratlam Police Raid सट्टा मटका करते हुए छः आदतन सटोरियों को पकड़ा सट्टा सामग्री सहित नकद राशि जब्त!
Ratlam : जिले में अवैध जुआ एवं सट्टा गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु एसपी अमित कुमार के निर्देशन में लगातार विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। निर्देश पर माणकचौक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में थाना माणकचौक पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अवैध सट्टा गतिविधियों में संलिप्त 6 आदतन सटोरियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
विशेष टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दी दबिश!
मुखबिर की सूचना एवं सतत निगरानी के आधार पर थाना माणकचौक पुलिस की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से सट्टा संचालित करते हुए छः सटोरियों को रंगे हाथों पकड़ा। कार्रवाई के दौरान सटोरियों के कब्जे से सट्टा पर्चियां, सट्टा सामग्री एवं कुल ₹9,836 नगद जब्त किए गए। सभी आरोपियों के विरुद्ध सट्टा एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
आदतन अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई!
प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार सभी आरोपी लंबे समय से सट्टा गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। पुलिस द्वारा उनके आपराधिक रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है। यदि आरोपियों द्वारा आदतन अवैध सट्टा संचालन किया जाना प्रमाणित होता है तो उनके विरुद्ध धारा 112 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी पृथक से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार सटोरिएं!
लतीफ (70) पिता नूर मोहम्मद कुरैशी, निवासी नयापुरा मस्जिद के पास, काजी हसिबुल पिता काजी मोहम्मद जुल्फिकार, निवासी वेदव्यास कॉलोनी, रईस अहमद (49) पिता महबूब पठान, निवासी जय भारत नगर, दिनेश (30) पिता मांगू मकोड़िया, निवासी ग्राम सांवलियारूंडी, मोहनलाल (40) पिता रामलाल मईड़ा, निवासी शासकीय स्कूल के पास खेतलपुर, राकेश (35) पिता दिनेश शर्मा, निवासी रामगढ़, गणेश मंदिर के सामने को गिरफ्तार करते हुए इनसे ₹9,836 रुपए तथा सट्टा पर्चियां एवं अन्य सट्टा सामग्री जब्त की गई।

जानिए क्या है सट्टा!
सट्टा मटका (Satta Matka) एक प्रकार का जुआ है, जिसमें 0 से 9 तक के अंकों (Numbers) पर दांव लगाया जाता है। यह भारत में पूरी तरह से गैरकानूनी (Illegal) है और यह पूरी तरह से भाग्य/किस्मत पर निर्भर करता हैं, इसको खेलने वालों के घर बरबाद होते हैं एक बार सट्टे में फायदा होने पर लालच लग जाता है और उसके बाद लत में परिवर्तन हो जाता हैं रतलाम में सट्टेबाजी के मुख्य केन्द्र धानमंडी, हरदेव लाला की पिपली, कसारा बाजार तथा अन्य क्षेत्रों में सट्टा लगाने वालों का हुजूम देखा जा सकता हैं।
सटोरियों को पकड़ने में माणकचौक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान, सहायक उप-निरीक्षक गोरचंद, सहायक उप-निरीक्षक आशीष मांगरिया, राजेश मईड़ा, राजसिंह, रितेश पाटीदार, दिनेश जाट, रमेश चौहान, अविनाश मिश्रा, हेमंत यादव, मनोहर सिंह एवं अशरफ की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रहीं!






