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Pooja Thapa Surrenders : फर्जी एडवाइज़री कंपनी की सरगना पूजा थापा कोर्ट में हाजिर

पांच करोड़ की ठगी मामले में उसके 15 साथी पहले ही गिरफ्तार

Indore : फर्जी एडवाइजरी कंपनी बनाकर निवेशकों से करीब 5 करोड़ रुपए की ठगी करने वाली पूजा थापा ने बुधवार सुबह सरेंडर कर दिया है। ठगी मामलों में राऊ पुलिस को लंबे समय से पूजा की तलाश थी, उसे लगातार ढूंढा भी जा रह था। पुलिस की सख्ती से डरकर पूजा ने सुबह कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर दिया। उससे जुड़े करीब 15 लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूजा ने इन्हीं जालसाजों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाई थी। पुलिस अब उससे आगे की पूछताछ करने के साथ ही गैंग के और सदस्यों के बारे में भी जानकारी लेगी।

पूजा के दुबई या नेपाल भाग जाने की आशंकाओं के बीच पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए गोवा समेत कई शहरों में टीम भेजी गई थी। लेकिन, बुधवार सुबह अचानक पूजा ने पुलिस कार्रवाई से घबराकर इंदौर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

पुलिस को करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में पुलिस को पूजा उर्फ आशी उर्फ शैफाली पुत्री तिल बहादुर थापा निवासी शेखर प्लेनेट की तलाश थी। राऊ थाने के TI नरेन्द्र रघुवंशी के मुताबिक वह लगातार पुलिस से बचकर भाग रही थी।पुलिस उसके दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट पर भी नजर बनाए हुए थी। पुलिस की घेराबंदी के लगातार सख्त होने से पूजा ने बुधवार को सीधे कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उस पर 10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था।

पूजा और साथियों ने तीन कंपनी बनाई

बताया जाट है कि पूजा थापा, पवन तिवारी और उनके कुछ साथी पहले एक साथ एडवाइजरी कंपनी में काम करते थे। पुलिस ने कार्रवाई करके उसे बंद करवा दिया था। इसके बाद पूजा ने सभी साथियों को इकट्‌ठा किया और फिर खुद की कंपनी बना ली। उसने कंपनी की आड़ में आधा दर्जन खाते खुलवाए और लोगो से धोखाधड़ी कर उसमें रुपए ट्रांसफर करने लगी।

देवास आ गया था पूजा का परिवार

बताया जा रहा है कि पूजा का परिवार नेपाल से देवास में आकर बस गया। कुछ समय बाद पिता और मां अलग हो गए। पूजा उसके भाई के साथ रहती थी। यहां वह एक एडवाइजरी कंपनी में काम करती थी और यहीं से उसने लोगों को ठगने का तरीका सीखा था। पूजा ने पातालपानी में एक लग्जरी फार्म हाउस, सुपर कॉरिडोर और ओमेक्स सिटी में प्लॉट भी लिए थे। पूजा की बेंगलुरु और देवास में भी संपत्ति होने की बात सामने आई थी। पुलिस इस मामले में अभी तक करीब एक दर्जन से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एक शिकायत से हुआ खुलासा

राऊ थाने में 15 अप्रैल को सौरभ कुमार मिश्रा असम रायफल ने 3 लाख 78 हजार रुपए निवेश कराकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 13 लाख नकद, 25 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, दो गाड़ियां, प्लाट, फ्लेट्स, ज्वेलरी, इम्पोटेड घड़िया, 50 से ज्यादा क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड जब्त किए थे। इनके खातों से लगभग पांच करोड़ का ट्राजेक्शन होना पाया गया था।