WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home खबरों की खबर

A Tragic Incident of Death During Jivitputrika (Jitiya) Festival: बिहार में जितिया पर्व के दौरान दर्दनाक हादसा,37 बच्चों सहित 43 लोगों की डूबने से मौत

WhatsApp Image 2024 09 27 At 09.02.36 1

A Tragic Incident of Death During Jivitputrika (Jitiya) Festival: बिहार में जितिया पर्व के दौरान दर्दनाक हादसा,37 बच्चों सहित 43 लोगों की डूबने से मौत

Bihar News: बिहार में जीवित्पुत्रिका (जितिया) पर्व में अलग-अलग जिलों में स्नान के दौरान 43 लोगों की डूबकर मौत हो गई। मृतको में 37 बच्चे और 6 महिलाएं शामिल हैं। साथ ही तीन लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने गुरुवार 26 (सितंबर) को इसकी जानकारी दी है।

जीवित्पुत्रिका त्योहार के दौरान महिलाएं अपने बच्चों की कुशलता के लिए व्रत रखती हैं। इसमें पूजा की शुरुआत नदी- पोखर में नहाने से होती है।

Jitiya Vrat 2023: 5 या 6 अक्टूबर कब रखा जाएगा जितिया व्रत, जानें तारीख और शुभ मुहूर्त | Jitiya Vrat 2023: 5 या 6 अक्टूबर कब रखा जाएगा जितिया व्रत, जानें तारीख और शुभ मुहूर्त Hindi News

बिहार सरकार ने साझा की जानकारी
बिहार सरकार के द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, राज्य के अलग-अलग जिलों में 37 बच्चों और 6 महिलाओं की नदी-पोखर में नहाने के दौरान डूबने से मौत हुई है। ज्यादातर त्योहार के दौरान पवित्र स्नान के लिए नदी या तालाब गए थे। यहां हादसे में उनका जान चली गई।

Jitiya Vrat 2024 Paran Time Muhurat and vidhi Jivitputrika Vrat ka paran  kab hoga Jitiya Vrat 2024: जितिया व्रत का पारण कब होगा, जानें पारण करने की  विधि, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan

 

बिहार सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
जितिया व्रत के दौरान हादसे में 43 लोगों की मौत को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर अब तक 8 मृतकों के परिजनों को मुआवजा के रूप में 4-4 लाख रुपए का दिए गए हैं। मुआवजा वितरण आगे भी जारी रहेगा। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक SDRF और NDRF के जवान लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं।

बिहार में मौत का तांडव... डूब गए 49 लोग, 41 लोगों की हुई मौत, जितिया व्रत पर नहाने के दौरान हादसा - News18 हिंदी

मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में चार लाख की राशि प्रदान की जाएगी जो राज्य सरकार द्वारा ऐसे मामलों में मुआवजा के लिए स्वीकृत है। जितिया उत्सव इस हादसे के चलते मातम में बदल चुका है। बता दें कि सबसे ज्यादा लोग औरंगाबाद में डूबकर मरे हैं। इसके अलावा कैमूर जिले के भभुआ और मोहनिया थाने में सात बच्चे दुर्गावती नदी और तालाब में स्नान के दौरान डूबने से मरे हैं.

पूरे देशभर में बुधवार को जितिया व्रत मनाया गया. इस दौरान महिलाओं ने गंगा सहित अलग-अलग नदियों में डुबकी भी लगाया. हालांकि बिहार के लिए बुधवार काफी भारी रहा. जितिया पर्व को लेकर गंगा नदी में स्नान करने गए लोगों में समूचे राज्य में 49 लोग डूब गए, जिसमें से 41 लोगों की मौत हो गई