Accident Video: बेकाबू डंपर ने कार को मारी टक्कर, तो दूसरी कार से जा भिड़ी: फिर टोलकर्मी को 10 फीट दूर उछाला

49

Accident Video: बेकाबू डंपर ने कार को मारी टक्कर, तो दूसरी कार से जा भिड़ी: फिर टोलकर्मी को 10 फीट दूर उछाला

झांसी के मोठ थाना क्षेत्र के कानपुर हाइवे पर स्थित सेमरी टोल प्लाजा पर बेकाबू डंपर ने पहले एक कार को जोरदार टक्कर मारी, फिर वह आगे खड़ी दूसरी कार से जा भिड़ी. उस कार के सामने खड़ा टोल कर्मी रमाकांत रिछारिया कार की चपेट में आकर काफी दूर तक घसीटता हुआ चला गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. आनन फानन में उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. यह घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. आप भी देखिए ये वीडियो…

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार डंपर अचानक टोल लेन में घुस आया. सबसे पहले उसने एक कार को जोरदार टक्कर मारी, टक्कर इतनी भीषण थी कि वह कार आगे खड़ी दूसरी कार से जा भिड़ी. देखते ही देखते दोनों कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी मच गई.

टोलकर्मी गंभीर रूप से घायल

हादसे का सबसे भयावह दृश्य तब सामने आया जब डंपर की चपेट में आए टोल कर्मी रमाकांत रिछारिया वाहन के नीचे फंस गए. डंपर चालक वाहन रोकने के बजाय कर्मी को काफी दूरी तक घसीटता ले गया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन तेज रफ्तार डंपर मौत बनकर दौड़ता रहा. पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है.

वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल

फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह डंपर ने बिना ब्रेक लगाए टोल लेन में घुसकर तबाही मचा दी. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग सहम गए. हादसे में गंभीर रूप से घायल टोल कर्मी रमाकांत रिछारिया को तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और वे जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे हैं.

डंपर चालक गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया. पुलिस ने डंपर और उसके चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सेमरी टोल प्लाजा पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्पीड कंट्रोल, सेफ्टी बैरियर और निगरानी व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार आए दिन जानलेवा साबित हो रही है.