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राम मंदिर विवाद के बाद बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे पर सवाल, BKTC ने गठित की जांच समिति; CCTV फुटेज और रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे

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राम मंदिर विवाद के बाद बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे पर सवाल, BKTC ने गठित की जांच समिति; CCTV फुटेज और रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे

बद्रीनाथ धाम: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले के बीच अब उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आधिकारिक तौर पर जांच के आदेश दे दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आरोप सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए हैं और उनकी सत्यता की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी मामले में कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया गया है। साथ ही चढ़ावे की गणना से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगड़ ने बताया कि जांच केवल आरोपों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों, CCTV फुटेज, चढ़ावे की गणना के रिकॉर्ड, बैंक में जमा राशि और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 तथा सेवा नियमों के तहत दोषियों पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें एक कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है।

इससे पहले BKTC ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दान, चढ़ावे, नकद लेनदेन और अन्य वित्तीय मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर विशेष सतर्कता रखने के निर्देश भी जारी किए थे। समिति ने कहा था कि चढ़ावे की गिनती और लेखांकन स्थापित नियमों के अनुसार ही किया जाए तथा किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। समिति का कहना है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर होगी तथा रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाएगी।