बहन की डोली उठने से पहले घर में उठी 14 साल के भाई की अर्थी, शादी की खुशियां मातम में बदलीं..

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बहन की डोली उठने से पहले घर में उठी 14 साल के भाई की अर्थी, शादी की खुशियां मातम में बदलीं..

छतरपुर: छतरपुर जिले के लवकुश नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बागमऊ में शादी की खुशियों के बीच बड़ा हादसा हो गया। बहन की शादी से ठीक पहले परिवार में उस समय मातम छा गया जब दुल्हन के 14-15 वर्षीय छोटे भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई।

डिस्पोजल लेने निकला था भाई, रास्ते में हुआ दर्दनाक हादसा..

परिवार के अनुसार यह शादी चेतराम अहिरवार की बेटी वंदना अहिरवार की थी, जिसकी बारात सोमवार देर रात धूमधाम से गांव पहुंची थी। रातभर शादी की रस्में चलीं और सुबह भंवर व अन्य रस्मों की तैयारी चल रही थी और सुबह फेरे लिए जाने थे इस बीच बारात के चाय, नाश्ते, पानी की तैयारियों के बीच डिस्पोजल प्लेट और गिलास काम पैड गए जिसे लेने दुल्हन का 14-15 वर्षीय छोटा भाई भीम अहिरवार बाईक से गांव की दुकान पर डिस्पोजल लेने गया था। दुकान पर डिस्पोजल ले कर लौट रहा था तभी वापसी के दौरान खेतों के पास रास्ते में अचानक सामने आई भैंस से उसकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा।

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अस्पताल में इलाज को लेकर परिजनों के गंभीर आरोप..

परिजन घायल किशोर को तत्काल लवकुश नगर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। परिजनों का आरोप है कि नर्सों ने लगभग एक घंटे तक प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत बिगड़ती रही।

इसके बाद डॉक्टर को बुलाने की मांग की गई, लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे। हालात गंभीर होते देख परिजनों ने निजी एंबुलेंस से उसे छतरपुर जिला अस्पताल ले जाने का फैसला किया।

जिला अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित..

परिजनों के अनुसार करीब 65 किलोमीटर का सफर तय कर जब वे छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद किशोर को मृत घोषित कर दिया।

परिवार का आरोप है कि समय पर उचित इलाज और एंबुलेंस सुविधा न मिलने के कारण बच्चे की जान नहीं बच सकी।

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शादी की खुशियां बदलीं मातम में..

जिस घर में कुछ घंटे पहले शादी की शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और शादी की खुशियां गम में बदल गई हैं।

वहीं परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो हमारे बच्चे की जान बच सकती थी।

●4 बहनों में एकलौता भाई..

मृतक भीम अपने परिवार में 4 बहनों में इकलौता भाई/लड़का था। भीम की चार बहनों में से एक सबसे बड़ी बहन की पहले मौत हो चुकी थी जिससे अब वह 3 बहनों में एकलौता भाई था। अब इन बहनों से एकलौता भाई भी छिन गया है। भीम से बड़ी 1 बहन है और उससे छोटी 1 बहन है।

●परिवार में पहली शादी..

परिवार में यह पहली शादी थी जिसकी तैयारियां 6 महीने पहले से चल रहीं थीं। जसकी बारात सोमवार रात आई थी और मंगलवार सुबह 7 फेरों के बाद विदाई थी। पर फेरे होने से पहले भाई हादसे का शिकार हो गया और मौत हो गई। जिससे परिवार में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।

●अब तक नहीं हुए फेरे, बारात रुकी है..

अब तक फेरे नहीं पड़े हैं, न ही दुल्हन की बिदाई हुई है। जहां अब शादी वाले घर से बहन की डोली से पहले भाई की अर्थी उठेगी।

●डोली की जगह शव यात्रा की तैयारी..

परिजन जिला अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करा कर घर ले गए हैं। जहां अब शादी वाले घर में दुल्हन की डोली की जगह शवयात्रा और अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रहीं हैं।

●कक्षा 10वीं पास था भीम..

भीम ने हाल ही में कक्षा दसवीं की परीक्षा दी तजि और वहः वास हुआ था अब कक्षा ग्यारहवीं में पढ़ना था।