
राष्ट्रीय राजमार्ग पर 30 मिनट तक मंडराता रहा मौत का खतरा: हाईटेंशन तार टूटकर सड़क पर लटका, लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन शहर से गुजर रहे चित्तौड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुंदा नगर-राजनगर चौराहे पर हाईटेंशन (एचटी) बिजली लाइन का जम्पर कंडक्टर टूटने से करंट प्रवाहित लो-टेंशन (एलटी) सर्विस लाइन के दो तार टूटकर सड़क पर लटक गए। करीब आधे घंटे तक यह जानलेवा स्थिति बनी रही, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता और बिजली कंपनी की त्वरित कार्रवाई से कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शी और समय पर अलर्ट करने वाले विवेक पाराशर ने बताया कि तार टूटते ही तेज स्पार्किंग होने लगी। क्षेत्रीय पार्षद भागीरथ बडोले और पास के एक दुकानदार ने तत्काल पुराने कूलर, बेंच और गत्तों की मदद से सड़क पर घेराबंदी कर राहगीरों और वाहन चालकों को खतरे से आगाह किया। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को सूचना दी।

यह चौराहा शहर के सबसे व्यस्त यातायात वाले स्थानों में शामिल है, जहां से आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्र और ट्रेंचिंग ग्राउंड की ओर लगातार भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही रहती है। खतरे के बावजूद कई वाहन तारों के पास से गुजरते रहे, जिसके बाद पार्षद भागीरथ बड़ोले मौके पर पहुंचे और यातायात को सुरक्षित तरीके से डायवर्ट कराया।
सिटी इंजीनियर देवानंद मालवीय ने बताया कि फैक्ट्री संचालक अमित महाजन से सूचना मिलते ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। प्रभावित फीडर की बिजली आपूर्ति बंद करने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
मालवीय ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में हाईटेंशन लाइन टूटने पर सुरक्षा प्रणाली (प्रोटेक्शन सिस्टम) कुछ ही सेकंड में फीडर ट्रिप कर बिजली आपूर्ति बंद कर देती है, लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है।

उन्होंने बताया कि हाईटेंशन लाइनों में गार्डिंग वायर इस उद्देश्य से लगाया जाता है कि यदि कंडक्टर टूटे तो वह पहले गार्डिंग से टकराए, जिससे फॉल्ट का पता चल सके और सुरक्षा प्रणाली स्वतः बिजली आपूर्ति बंद कर दे। हालांकि, फॉल्ट की प्रकृति और नेटवर्क की स्थिति के आधार पर यह सुरक्षा प्रणाली हमेशा तुरंत काम नहीं करती।
मालवीय ने लोगों से अपील की कि कभी भी यह मानकर न चलें कि टूटा हुआ बिजली का तार करंटमुक्त है। जब तक बिजली कंपनी आधिकारिक रूप से आपूर्ति बंद होने की पुष्टि न कर दे, तब तक हर टूटे या लटके हुए तार को चालू (लाइव) मानें, उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, दूसरों को भी दूर रखें और तुरंत बिजली कंपनी तथा आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।





